राजनांदगांव, स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्टाफ की भागीदारी परखने 2 चरणों में 1336 स्कूलों का सोशल ऑडिट किया गया। मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।

यह प्रक्रिया शिक्षकों और प्रबंधन की जवाबदेही तय करती है। विद्यार्थियों को सीखने के स्तर का मूल्यांकन करती है, और शिक्षा के प्रति जागरूक कर निर्णय लेने सशक्त बनाती है। जिससे शिक्षा के अंतिम परिणामों में सुधार होता है। बच्चों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन करना और कमजोर स्कूलों में गुणवत्ता सुधार लाने विशेष प्रयास और निरीक्षण करना इसका उद्देश्य है।

जिले के 1336 स्कूलों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण किया गया। डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने बताया 7 अक्टूबर को छुरिया और डोंगरगांव में, दूसरे चरण में 8 को राजनांदगांव और डोगरगढ़ में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य सुबह 10 से शाम 4 बजे तक निर्धारित था। जिले की कार्य योजना अनुसार प्राचार्य, प्रधान पाठक, संस्था प्रमुख को दल प्रभारी पांच सदस्यों को दायित्व सौंपा गया। बीईओ ने अपने ब्लॉक के प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में सोशल ऑडिट कार्य सौंपा था।

छुरिया में पहले चरण में कुल 384 स्कूलों का, डोंगरगांव में कुल 209, दूसरे चरण में राजनांदगांव में कुल 394 स्कूलों का सोशल ऑडिट किया गया। डोगरगढ़ में 349 कुल जिले के सभी 1336 विद्यालयों में दो चरणों में सोशल ऑडिट हुआ। डीएमसी सतीश ब्यौहरे ने बताया इसमें आरी, खुज्जी, बड़गांव, चारभांटा, करमरी, महरूम, पारागांव खुर्द, बुढ़ानछापर, पीपरखार कला, बघेरा का अफसरों ने निरीक्षण किया। इस दौरान एपीसी पीआर झाड़े एवं एपीसी मो. रफीक अंसारी मौजूद रहे।

By kgnews

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