अब तक पाँच आरोपी सलाखों के पीछे, साइबर सेल राजनांदगांव की बड़ी सफलता
राजनांदगांव, जिले की साइबर सेल और थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव ने सवा करोड़ रुपये की शेयर ट्रेडिंग ठगी मामले में बड़ी सफलता दर्ज की है। ठगी में शामिल साइबर गिरोह के अन्य दो सदस्यों को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर राजनांदगांव लाया गया है। इस मामले में अब तक कुल पाँच आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
मामला उस समय दर्ज हुआ था जब साइबर अपराधियों ने राजनांदगांव के एक युवा व्यापारी को फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर अधिक मुनाफा देने का झांसा दिया और विभिन्न खातों में कुल ₹1,21,53,590 जमा करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी जांच, बैंक मनी ट्रेल और खातों के विवरण के आधार पर प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए सिहोर और इंदौर (मध्यप्रदेश) से तीन आरोपियों—धीरज सिंह, अरविंद ठाकुर और डिम्पल सिंह यादव—को 29 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान मिले सुरागों से मामले के तार ओडिशा से जुड़े पाए गए।
इसके बाद साइबर सेल टीम निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में भुवनेश्वर रवाना हुई, जहां से दो अन्य आरोपी धर्मेन्द्र कुमार (उत्तर दिल्ली) और राजेश मंडल (झारखंड) को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी साइबर ठग गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। वे खाता धारकों के रजिस्टर्ड मोबाइल में .APK ऐप इंस्टॉल कराकर ओटीपी और मैसेज की एक्सेस गिरोह तक पहुंचाते थे। इसके बदले उन्हें प्रति बैंक खाता 20–25 हजार रुपये क्रिप्टो (USDT) में कमीशन मिलता था।
गिरफ्तार आरोपी खाता धारकों को अपने साथ रखकर पूरी ठगी प्रक्रिया के दौरान उनकी निगरानी करते थे ताकि वे राशि निकाल न सकें। आरोपी धर्मेंद्र के कब्जे से तीन मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें 03 दिसंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम, सउनि संजय मालेकर तथा साइबर सेल के आरक्षक अमित सोनी, जोगेश राठौर, हेमंत साहू और आदित्य सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
