राजनांदगांव, लखोली क्षेत्र के दुर्गा चौक में सनातन हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिन्दू सम्मेलन ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण से सराबोर किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृ शक्तियों द्वारा निकाली गई भव्य और विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। सिर पर कलश धारण कर महिलाओं ने लखोली क्षेत्र के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया।
स्थानीय भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। हिन्दू सम्मेलन में मुख्य अतिथि गायत्री परिवार के विचारक डॉ. कन्हैया लाल सिन्हा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रह्मकुमारी पूजा दीदी तथा मानस मर्मज्ञ देवेन्द्र हिरवानी की उपस्थिति रही। अतिथियों का आयोजकों द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। हिन्दू सम्मेलन में संघ के प्रांत सेवा प्रमुख मुख्य वक्ता के रूप शामिल हुए। इसके अलावा अन्य अतिथियों ने हिन्दू सम्मेलन में विशाल सभा को संबोधित किया।
हिन्दू समाज, सनातन धर्म को सशक्त बनाना होगा अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में सर्व हिन्दू समाज को संगठित होकर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। सामाजिक समरसता, संस्कारों के संरक्षण और राष्ट्रहित में एकजुटता का आव्हान किया। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए ब्रह्मकुमारी पूजा दीदी ने आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने पर बल दिया।
समाज को धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की सीख देवेन्द्र हिरवानी ने राम चरित मानस के माध्यम से समाज को धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने रामायण का जिक्र करते हुए माता सीता और धर्म की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम के रावण से युद्ध का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण की महा भारत में भूमिका का वर्णन किया। डॉ. कन्हैया लाल सिन्हा ने गायत्री परिवार के विचारों को साझा करते आत्मिक एवं सामाजिक उत्थान की बात कही।
