इंदौर
पिता के वाहन से हुई दुर्घटना में जीवनभर के लिए अपाहिज हुए इंजीनियरिंग के छात्र को जिला न्यायालय ने 73 लाख 72 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाया। इस रकम पर छह प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा। भुगतान पिता के वाहन का बीमा करने वाली कंपनी को करना होगा। न्यायालय ने माना कि इंजीनियरिंग छात्र की दुर्घटना के समय भले ही कोई आय नहीं थी लेकिन वह भविष्य में अच्छी आय अर्जित कर सकता था। दुर्घटना के बाद अब उसे स्थायी रूप से एक सहायक के भरोसे रहना होगा।

पांच साल पहले हुई थी दुर्घटना
हादसा 25 जनवरी 2016 को हुआ था। आरआर कैट कालोनी निवासी सुमंत चौरसिया पिता सुबोध चौरसिया के साथ कार में भोपाल से इंदौर आ रहा था। वह इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र था और कालेज प्लेसमेंट में ही उसे एक कंपनी में तीन लाख 33 हजार रुपये का पैकेज आफर हुआ था। भंवरकुआं थाना क्षेत्र में आने वाले प्रतीक्षा ढाबे चौराहे के पास कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे के वक्त कार छात्र के पिता सुबोध ही चला रहे थे। दुर्घटना में सुमंत गंभीर रूप से घायल हो गया और कोमा में चला गया। इसके बाद से वह बिस्तर पर है। उसने एडवोकेट गोविंद आर मीणा के माध्यम से कार का बीमा करने वाली नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और पिता सुबोध चौरसिया के खिलाफ दुर्घटना क्लेम प्रकरण प्रस्तुत किया।

By kgnews

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