ग्वालियर
 बुंदेलखंड एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में गुरुवार धुआं उठने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में आग की आशंका देखते हुए आनन-फानन में रेल कर्मचारियों और जीआरपी के जवानों ने अग्निशामक यंत्र के सिलेंडर का इस्तेमाल कर चार खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। बाद में पता चला कि ट्रेन में पेस्ट कंट्रोल (कीटनाशक) का छिड़काव करने के साथ ही फागिंग की गई थी, जिसके चलते धुआं उठने लगा था। शीशे तोड़ने के दौरान जीआरपी के जवान सूरज पाराशर के हाथ में चोट भी लग गई।

जानकारी के मुताबिक वाराणसी से चलकर ग्वालियर पहुंचने वाली ट्रेन क्रमांक 11108 बुंदेलखंड एक्सप्रेस गुरुवारसुबह 8:43 बजे प्लेटफार्म क्रमांक तीन पर पहुंची। यात्रियों के उतरने के बाद इस ट्रेन को साफ-सफाई के लिए यार्ड में ले जाना था, लेकिन सफाई कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने एसी कोच में कीटनाशकों का छिड़काव कर दरवाजे बंद कर दिए। लगभग साढ़े नौ बजे ट्रेन के बी-3 कोच से धुआं निकलने लगा तो प्लेटफार्म पर यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक, डिप्टी एसएस सहित जीआरपी के जवान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पहले ट्रेन से दरवाजे खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह बंद मिले। इसके बाद जैसे-तैसे एक दरवाजा खोला तो अंदर से कीटनाशकों की गंध (मिट्टी के तेल जैसी) आई। अफसरों को लगा कि ट्रेन के अंदर किसी ज्वलनशील पदार्थ के चलते यह धुआं निकल रहा है। जीआरपी के जवान तत्काल अग्निशामक यंत्र लेकर आ गए और उसके सिलेंडर से चार खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद पूरे कोच में अग्निशामक का छिड़काव किया गया, जिससे धुआं बाहर निकल गया।

By kgnews

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