जबलपुर
मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि (एमयू)की ईसी बैठक में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब नई ईसी मेंबर के सामने विवि प्रशासन द्वारा वर्ष 2018-19 के तीन कॉलेजों की संबद्धता का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रखा। इस पर दूसरे ईसी मेंबर और विवि प्रशासन के अधिकारी, कुलपति ने तो छात्र हित में सहमति जताते हुए प्रस्ताव पास करने की हामी भर दी, लेकिन जैसे ही नई ईसी मेंबर डॉ. गीता गुईन के समक्ष जब यह प्रस्ताव आया, तो उन्होंने दो टूक और सख्त लहजे में कह दिया, कि वे इससे सहमत नहीं हैं। जो कॉलेज संचालक समय से प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें सबक मिलना जरूरी है। इस पर अन्य मेंबरों ने छात्र हित की बात रखी। इस पर उन्होंने कहा, कि छात्र छोटे नहीं हैं, वे भली-भांति सब कुछ जानती हैं। बावजूद इसके जिन कॉलेजों को विवि ने संबद्धता नहीं दी है, उनमें आखिर किसके भरोसे पर उन्होंने एडमिशन लेकर अपने भविष्य को खतरे में डाल दिया। ईसी मेंबर के सख्त तेवर देख कुलपति सहित विवि प्रशासनिक अधिकारी से लेकर अन्य ईसी मेंबर तक सन्न रह गए।

2018-19 के कॉलेजों की संबंद्धता का प्रस्ताव पास कराने का वादा कर चुके अफसर ईसी बैठक के बाद निराश दिखे। सूत्रों की मानें तो बैठक के बाद कुलपति ने मिनिट्स भी बनाने के लिए अधिकारियों को होल्ड कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के तीन ऐसे कॉलेज हैं, जिनकी वर्ष 2018-19 की संबद्धता प्रस्ताव पहले रखा गया था। इसके बाद 2020-21 के 22 कॉलेजों की संबद्धता का प्रस्ताव रखा गया  2020-21 को, लेकिन किसी ने अपनी आपत्ति जाहिर नहीं की। बहरहाल एक बार फिर विवि में लंबे समय बाद हुई ईसी बैठक चर्चा में आ गई।

By kgnews

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