इंदौर
 देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में  संस्कार कालेज पर सख्ती बरती गई है। आग लगने की घटना पर विश्वविद्यालय की समिति ने जांच की और रिपोर्ट को सदस्यों के समक्ष रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक कालेज के आसपास लकड़ी गोदाम हैं। इसे देखकर लगता है कि कालेज आग के ढेर पर बैठा है। आगामी सत्र में कालेज को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर रखें, क्योंकि सुरक्षा इंतजाम ठीक नहीं है। जब तक नए भवन में कालेज शिफ्ट नहीं होता है तब तक यहां प्रवेश प्रक्रिया बंद रखी जाए। तर्क देते हुए सदस्यों ने कहा कि 2022-23 सत्र में प्रवेश पूरे हो चुके हैं। अगले सत्र तक कालेज नए भवन में शिफ्ट नहीं होता है तो विश्वविद्यालय संबद्धता न दे। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखे और कालेज में प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

 तीन महीने बाद कार्यपरिषद की बैठक हुई। शुरुआत में सदस्य अनंत पंवार, डा. विश्वास व्यास और डा. मंगल मिश्र ने नाराजगी जताई और कहा कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर विश्वविद्यालय ने अभी तक अमल नहीं किया है। विद्यार्थियों की समस्या दूर करने के लिए विश्वविद्यालय ने क्षेत्रीय केंद्र बनाए थे, लेकिन यहां इनकी समस्या का निराकरण नहीं होता है। महीनेभर में विश्वविद्यालय इन केंद्रों की समीक्षा करें और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपे।

सदस्य डा. व्यास ने कहा कि कमियां होने के बावजूद कालेजों से शपथ पत्र लेकर विश्वविद्यालय संबद्धता जारी कर रहा है। पर समिति बाद में कालेजों का निरीक्षण नहीं करती है। बाकी सदस्यों ने भी इस पर आपत्ति जताई। बैठक में फैसला किया गया कि अगले सत्र से कालेजों के निरीक्षण के दौरान समिति को दो प्रारूप में जानकारी देनी होगी, जिसमें पुरानी कमियां पूरी हुई या नहीं इसका उल्लेख करना होगा। उसके बाद ही कालेजों को संबद्धता जारी की जाएगी।

फिजिकल एजुकेशन को मिली जिम्मेदारी

विश्वविद्यालय में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना होगी। 16 वर्षीय किशोरों को क्रिकेट सिखाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी फिजिकल एजुकेशन को सौंपी गई है। बैठक में सदस्यों ने नाममात्र शुल्क पर बच्चों को एकेडमी में प्रवेश देने का फैसला लिया है। यहां तक विभाग में एमए इन स्पोर्ट्स साइकोलाजी कोर्स को मंजूरी मिल गई है। अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।

By kgnews

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