भोपाल

शिक्षिका कल्पना मुखरैया ने अपनी कार्यशैली से छतरपुर जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक नई मिसाल कायम की है। नौगाँव विकासखण्ड अलीपुरा जनशिक्षा केन्द्र की प्राथमिक शाला करारगंज की शिक्षिका कल्पना ने अपनी रुचि से स्कूल को निजी खर्चे से बाल पेंटिंग सहित बच्चों, शिक्षा की देखरेख, स्कूल आने-जाने का समय, अविभावकों से तालमेल, साफ-सफाई, संगीत में रूचि पर कार्य कर बच्चों को शिक्षा के प्रति भी लगनशील बनाया। इसके परिणाम स्वरूप अब शत-प्रतिशत बच्चे स्कूल आते हैं एवं समूचे नौगांव विकासखंड में शासकीय प्राथमिक कन्या शाला करारा गंज स्मार्ट स्कूल के रूप में पहचाना जाता है।

स्कूल को घर और बच्चों को बनाया परिवार

शिक्षिका कल्पना मुखरैया ने बताया कि मेरे पिता गौरीशंकर मुखरैया भी शिक्षक थे, मैं उन्ही की प्रेरणा पथ पर चलकर अपने स्कूल और बच्चों के प्रति एक नई सोच के साथ कुछ अलग करने जैसे रचनात्मक कार्य, नए-नए नवाचार कर सर्वप्रथम स्कूल और बच्चों को अपने घर परिवार की तरह संभालना शुरू किया।

विकासखंड स्तर से भोपाल तक किया प्रतिनिधित्व

कोविड काल के दौरान वर्ष 2020 में उनके द्वारा लिखी गई कहानियों को राज्य शिक्षा केंद्र ने चयनित किया। उसके बाद 2021 में टीएलएम की कार्यशालाओं में हिस्सा लेकर प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2023 में डी.आर.जी. बनकर भोपाल से प्रशिक्षण प्राप्त कर ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। 12 सितंबर 2023 को भोपाल में आयोजित जी-20 में छतरपुर जिले का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही कल्पना द्वारा लिखी गई कविता को राज्य शिक्षा केन्द्र और रूम-टू-रीड के माध्यम से प्रकाशित कर प्रदेश के शासकीय विद्यालय में उपलब्ध कराई गई। शिक्षिका कल्पना को जून 2023 में गिजू भाई शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया गया।  

 

By kgnews

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