सिवनी
 करीब 40 घंटों तक बाढ़ के पानी में डूबा रहा थांवर नदी का पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सिवनी-मंडला को सीधे तौर पर जोड़ने वाले राजमार्ग 11 ए पर अंग्रेजों के जमाने के इस पुल का अधिकांश हिस्सा बह जाने से मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। मंगलवार दोपहर नदी में बाढ़ का पानी कम होने पर क्षतिग्रस्त पुल की तस्वीर सामने आई। पता चला कि, ब्रिटिश काल में बड़े-बड़े पत्थरों को टाइल्स के स्वरूप में लगाकर बनाया गए पुल का पूरा स्लैब पानी में बह गया है। साथ ही कई स्थानों पर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिस पर वाहन चलाना संभव नहीं है। गौरतलब है कि, बीते तीन दिनों से लगातार हो रही वर्षा से जिले की अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं। सिवनी-मंडला राजमार्ग 11 ए पर केवलारी से करीब 21 किमी दूर नैनपुर के समीप थांवर नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण 14 अगस्त की शाम से नदी पर बने सालों पुराने पुल के ऊपर 12 फीट तक पानी बह रहा था। थांवर नदी के रौद्र रूप में होने के कारण 40 घंटों तक पुल से आवागमन बंद था। मंगलवार वर्षा थमने के बाद जब नदी का पानी कम हुआ, तो पुल का अधिकांश हिस्सा बह चुका था। यह राजमार्ग सिवनी-मंडला के साथ डिंडौरी, अमरकंटक, शहडोल, छिंदवाड़ा, बैतूल, नागपुर को सीधे तौर पर जोड़ता है।

करना पड़ेगा 25 किमी की अतिरिक्त सफर: विकल्प के तौर पर अब लोगों को केवलारी, छींदा, पिंडरई नैनपुर होकर मंडला पहुंचना पड़ेगा। इससे 25 किलोमीटर का फेरा लगाने के साथ ही एक करीब एक घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा।आगवामन को सुलभ बनाने मप्र शासन ने थांवर नदी पर 138 मीटर लंबा नवीन उच्च स्तरीय पुल बनाने का ठेका फलोदी कंस्ट्रक्शन कंपनी इंदौर को दिया है। 9.51 करोड़ रुपये खर्च कर पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है।अनुबंध के मुताबिक, जून 2022 तक पुल का निर्माण होना था, लेकिन अभी तक 50 फीसद काम ही पूरा हो सका है। हालाकि विभाग ने पुल के निर्माण के लिए अप्रैल 2023 तक अंतिम समय सीमा बढ़ा दी है।

By kgnews

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