जबलपुर 

मप्र हाईकोर्ट ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए। आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 

जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मप्र नगर सेना वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 6 प्रतिशत पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं। होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी 2026 को 4 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए कुल 24 लोगों ने आवेदन किया था।

इनको अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया
नियमानुसार शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का एसीआर देखने के बाद चयन सूची जारी करती है। दलील दी गई कि नियम विरुद्ध तरीके से परीक्षा के पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने याचिकाकर्ता सहित 6 उम्मीदवारों को अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया।

इस वजह से हुई निरस्त
जबलपुर हाई कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में 16 मार्च शारीरिक परीक्षण और 17 को लिखित परीक्षा आयोजित थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को ही 18 पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। दलील दी गई कि पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। 

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