रीवा
जिले में अंकुर कार्यक्रम के तहत सभी नागरिक बढ़ – चढ़कर भागीदारी करें। सभी स्वंयसेवी संस्थायें लोगों को जागरुक कर पौधरोपण हेतु प्रेरित करें व रोपित पौधों को बायुदूत (अंकुर एप) में अपलोड करने हेतु भी प्रेरित करें। साथ ही 11 से 17 अगस्त तक संचालित होने वाले हर घर तिरंगा अभियान में भी अधिकतम भागीदारी करें। सभी लोग मिलकर जिले के समस्त 2 लाख से अधिक घरों में तिरंगा झंडा लगाने का प्रयास करें। संस्थाएँ उन गरीब वंचित परिवारों को भी चिन्हित करें जो आर्थिक अभाव के कारण अपने घरों में झंडा लगाने में असमर्थ है, उन्हें सामाजिक भागीदारी से झंडा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जावेगा। उक्त उद्गार कलेक्टर श्री मनोज पुष्प ने म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की जिला स्तरीय बैठक में कही। कलेक्टर ने अपने उदबोधन में नशामुक्त भारत अभियान, उर्जा साक्षरता अभियान एवं ईट राइट इंडिया अभियान को भी जन – जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
स्वयंसेवी संगठनों की जिला स्तरीय बैठक में उपस्थित जिला पंचायत के सीईओ स्वप्निल वानखेड़े ने संबोधित करते हुए सभी संस्थाओं से समस्त अभियान में सार्थक व प्रभावी भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थाओं व स्वसहायता समूहों से भी अंकुर अभियान से जुड़कर पौधरोपण करने की अपील की। बैठक के प्रथम सत्र में उर्जा विकास निगम के कार्यपालन यंत्री यू. एस. अरोडा ने उर्जा संरक्षण अभियान के संबंध में जानकारी दी। द्वितीय सत्र में संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इसी तरह तृतीय सत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी साबिर अली खान द्वारा ईट राइट इंडिया अभियान के संबंध में स्वयंसेवी संस्थाओं को जानकारी दी गई।
बैठक के अंतिम सत्र में संभागीय समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद प्रवीण पाठक द्वारा जिले में संचालित होने वाले अंकुर कार्यक्रम एवं हर घर तिरंगा अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई, व सभी संस्थाओं को संस्था से कार्ययोजना बनाकर अभियान में भागीदारी करने का आह्वान किया गया। बैठक में जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक अमित अवस्थी सुषमा शुक्ला, अजय चतुर्वेदी, अनीता मिश्रा, शिक्षा विभाग के एपीसी श्री तिवारी व जिले भर से आये हुए स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि व शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
