राजनांदगांव | जिले में लगातार हो रही बारिश अब खेती के लिए परेशानी बन रही है। अब तक हुई बारिश धान के लिए बेहतर साबित हुई है। लेकिन अब धान के पौधे की ग्रोथ के लिए मौसम खुलना जरूरी हो गया है। किसानों के मुताबिक अच्छी धूप निकलने के बाद धान को बेहतर ग्रोथ मिल सकेगी। इधर लगातार जारी बारिश सब्जी फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा रही है। पत्तेदार सब्जी की फसल इस बारिश में पूरी तरह खराब हो गई है। इसके चलते पत्तेदार सब्जी फसल की आवक पूरी तरह थम गई है। वहीं दूसरी सब्जी फसलों में भी कीट प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। जिला किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने बताया कि धान के लिए अब तक की बारिश सही रही, लेकिन अब मौसम खुलना जरूरी हो गया है। मौसम साफ हुआ तो धान काफी अच्छा ग्रोथ मिलेगा। इससे पौधे की बढ़त तेज होगी। वहीं उत्पादन पर भी इसका अच्छा असर रहेगा। वहीं सब्जी फसल में कीट प्रकोप का खतरा मंडराने लगा है। लेकिन लगातार जारी बारिश की वजह से किसानों को दवाइयों के छिड़काव का भी अवसर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि बारिश की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग भी लगातार किसानों के लिए एडवायजरी जारी कर रहा है। धान की खेती के पद्धति में बदलाव और सब्जी फसल की देखरेख के लिए किसानों को टिप्स जारी किए जा रहे हैं। 15 दिन तक मौसम साफ रहे तो तेजी से होगा ग्रोथ, तेज धूप पड़ना जरूरी है किसान नेता सुदेश टीकम ने बताया कि अब सब्जी और धान सहित दूसरी खरीफ फसल को बेहतर ग्रोथ के लिए 15 दिन के खुले मौसम की पद्धति है। मौसम खुलने के बाद प्रकाश संशलेषण की क्रिया तेज होगी। इससे सभी तरह के फसल के पौध को तेजी से ग्रोथ मिलेगा। वहीं फसलों के अधिक समय तक पानी में डूबे रहने की वजह से भी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में फिलहाल मौसम के खुलने की जरूरत अधिक हो गई है। अगस्त में भी औसत बारिश का अनुमान, फिलहाल ब्रेक रहेगा इधर मौसम विभाग ने अगस्त में भी औसत बारिश का अनुमान जताया है। अगस्त में औसत 350 मिमी बारिश होती है। हालांकि बीते चार साल में अगस्त की बारिश 430 मिमी से अधिक रही है। हालाकि मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिन बारिश कमजोर रहने की स्थिति बनेगी। इस दौरान मौसम भी खुला रहेगा। दुर्ग संभाग में बारिश की गतिविधि अगले तीन दिन कमजोर रहने से कुछ राहत की उम्मीद है। 4 लाख एकड़ में धान की फसल, 1300 करोड़ का कर्ज अविभाजित राजनांदगांव जिले में करीब 4 लाख एकड़ में धान की फसल की बोनी की गई है। हालाकि शुरुआती दौर में कमजोर बारिश से बोनी में देर हुई। लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। खेती के लिए केंद्रीय सरकारी बैंक ने किसानों को 1300 करोड़ रुपए का कृषि कर्ज दिया है। तीनों जिले में 2 लाख 40 हजार पंजीकृत किसान धान की फसल करते हैं। इसी तरह करीब 30 हजार हेक्टेयर रकबे में किसान सब्जी फसल का उत्पादन करते हैं। कृषि का 65 फीसदी हिस्सा बारिश पर आधारित है।
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