अहमदाबाद- आप अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जाते हैं और खुलेआम एक विशाल भालू को घूमता हुआ देखते हैं तो भयभीत न हों। दरअसल, लंगूरों के हमले से यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अहमदाबाद एयरपोर्ट ने एक अनोखा तरीका ईजाद किया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने अब एक विशाल ‘भालू’ तैनात किया है। यह असली भालू नहीं बल्कि उसकी ड्रेस में अहमदाबाद एयरपोर्ट का एक कर्मचारी है जो लंगूरों को भगाने का काम कर रहा है।
अहमदाबाद एयपोर्ट चारों तरफ से पेड़ पौधों से घिरा हुआ है और टर्मिनल पर लंबी पूछों वाले लंगूरों का दिखना आम बात है। काफी लंबे समय से अहमदाबाद एयरपोर्ट के अधिकारी इन लंगूरों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं। अप्रैल 2019 में 15 लंगूरों का समूह ऑपरेशनल एरिया में आ घुसा था और 10 से ज्यादा फ्लाइट के उड़ान में देरी हुई थी और दो उड़ानों को दूसरी जगह भेजना पड़ा था। अप्रैल 2017 में दो उड़ानों को काफी इंतजार करना पड़ा था क्योंकि लंगूर रनवे पर चले आए थे और अधिकारी उन्हें भगाने का प्रयास कर रहे थे।
विमानों के लिए खतरनाक हैं लंगूर
नवंबर 2016 में बंदर एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में घुस आए थे। एयरपोर्ट के डायरेक्टर मनोज गंगल ने कहा, ‘यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बड़ी संख्या में लंगूर एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में घूम रहे हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अधिकारी और अन्य कर्मचारी उन्हें भगाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमने सोचा कि हमें इसको लेकर और ज्यादा सक्रिय होना होगा। हमें इसकी जानकारी मिली है कि लंगूर भालू से डरते हैं और हमारे पास पछियों और जानवरों को भगाने के लिए कर्मचारी है तो हमने उस कर्मचारी को भालू की ड्रेस पहना दी। लंगूर काफी बड़े होने के बाद भी काफी तेज होते हैं। ये विमानों के लिए खतरा हो सकते हैं। हमें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।’
जारी रहेंगे परंपरागत उपाय
अब तक एयरपोर्ट पर परंपरागत तरीके से ही लंगूरों को भगाया जाता था। नियम के मुताबिक अगर कोई जानवर ऑपरेशनल एरिया में घूम रहा है तो उड़ानों को उतरने की अनुमति नहीं दी जाती है। एयरपोर्ट के अधिकारी इन जानवरों को भगाने के लिए पटाखे फोड़ते हैं, तेज आवाज में सायरन बजाते हैं और लाठी से लेकर दौड़ाते हैं। एयरपोर्ट निदेशक ने कहा कि हम ये परंपरागत तरीके जारी रखेंगे। इसके अलावा अब भालू की आवाज को रिकॉर्ड करके बजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भालुओं से निपटने के लिए किसी और एयरपोर्ट पर इस तरह की व्यवस्था है।
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