नई दिल्ली । मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए आत्मनिर्भर अभियान और मेक इन इंडिया अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने दिखने लगे हैं। अभी तक भारतीय तकनीकी बाजार में कई विदेशी ऐप एकछत्र राज करते रहे हैं, लेकिन अब इन्हें भी जल्द ही चुनौती मिलने वाली है। ट्विटर को जहां स्वदेशी मैसेजिंग सर्विस Koo App टक्कर दे रहा है और देश में तेजी से इसके डाउनलोड की संख्या भी बढ़ रही है तो वहीं दूसरी ओर गूगल मैप (Google Map) को भी संभवत: जल्द ही भारतीय बाजार में बड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा क्योंकि भारत को अब जल्द ही खुद का नेविगेशन एप मिलने वाला है। इस ऐप के जरिए मैपिंग पोर्टल और वास्तविक लोकेशन डेटा सर्विस उपलब्ध होगी। अभी हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) डिजिटल मैपिंग और स्थान-आधारित डीप-टेक कंपनी मैप माई इंडिया (Map My India) ने शुक्रवार को पूरी तरह से स्वदेशी, मैपिंग पोर्टल और भू-स्थानिक सेवाओं की पेशकश के लिए एक नई पहल की घोषणा की।

कई विदेश ऐप को भारतीय ऐप से मिल रही चुनौती

हाल के दिनों में कई चर्चित विदेशी ऐप को भारत में निर्मित App से चुनौती मिल रही है। मोदी सरकार के द्वारा शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत अभियान और मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान के तहत कई स्वदेशी ऐप में शानदार प्रदर्शन कर रहै हैं। Twitter की जगह पर Koo, Whatsapp की जगह पर Sandes एप के बाद अब गूगल मैप का भी विकल्प आने वाला है।

इसरो ने जानकारी दी है कि डिपॉर्टमेंट ऑफ स्पेस ने MapmyIndia के साथ समझौता किया है, जिसमें NavIC, Bhuvan जैसी स्वदेशी सर्विस की मदद ली जाएगी। इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) को NavIC (Navigation with Indian Constellation) कहा जाता है। यह भारत में निर्मित एक स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम है, जिसे इसरो ने ही तैयार किया है। साथ ही Bhuvan एक केंद्रीय जियो-पोर्टल है, जिसे इसरो ने विकसित किया है और होस्ट भी कर रहा है।

वहीं इस सबंध में Map My India कंपनी ने कहा है कि इसके नक्शे और API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) इसरो के जिओपोर्टल्स को विकसित करेंगे और यह भारतीय वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और सरकारी संगठनों को भारत के सैटलाइट इमेजरी, पृथ्वी अवलोकन डेटा और डिजिटल मैप डेटा और उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों को सशक्त करेगा।

स्वदेशी नेविगेशन ऐप से ये मिलेगी सुविधाएं

– रियल सैटेलाइट इमेज इसरो उपलब्ध कराएगा

– स्वदेशी नेविगेशन ऐप फ्री उपलब्ध होगा

– स्वदेशी नेविगेशन ऐप में कोई विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा

– स्वदेशी नेविगेशन ऐप का इंटरफेस गूगल मैप के समान होगा

– भारत सरकार के दिशा-निर्देश के आधार पर सीमावर्ती इलाकों को दिखाया जाएगा

– स्वदेशी ऐप में भारत की एकता और अखंडता का पूरा ध्यान रखा जाएगा

By kgnews

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