राजनांदगांव , उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के दौरे के पहले नवंबर में हुए हेलीपैड निर्माण में एक और नई शिकायत की गई है। आरक्षी केंद्र में पहले से ही एक हेलीपैड बना हुआ था। पुराने को नया बताकर भुगतान निकाला गया है। साथ ही यहां घटिया निर्माण की भी शिकायत की गई है। मामले में अधिवक्ता आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव ने गुरुवार को मामले में पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता से इसकी लिखित शिकायत की है। साथ ही उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के पुलिस लाइन परिसर में बनाए गए हेलीपैड निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट श्रीवास्तव द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी गई शिकायत में निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति और भुगतान में कई गड़बड़ियों की बात कही गई है।
शिकायत के अनुसार हेलीपैड का निर्माण कार्य पहले कर लिया गया, जबकि टेंडर प्रक्रिया बाद में शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक 5 नवंबर 2025 को निरीक्षण हुआ, लेकिन 17 नवंबर 2025 को कार्य आदेश जारी किया गया, जो तय प्रक्रिया के विपरीत बताया जा रहा है। इसके अलावा 26 नवंबर को कार्य की अनुशंसा और 63 दिन बाद 8 जनवरी को एसडीओ द्वारा वेरिफिकेशन किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में यह भी आरोप है कि 4 दिसंबर 2025 को माप पुस्तिका में प्रविष्टि की गई थी।







