राजनांदगांव : राजयोग मेडिटेशन से मिलेगा तनावमुक्त जीवन का मार्ग…
राजनांदगांव , प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में नए गुरुद्वारा के पीछे शीतला मंदिर मार्ग जमातपारा में शिव अमृतवाणी और राजयोग मेडिटेशन शिविर का शुभारंभ किया गया। परमपिता परमात्मा शिव की आरती एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में शुभारंभ संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग साधना का लाभ लिया। वहीं इससे आत्मिक जागृति का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और ईश्वरीय स्मृति के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थितजनों को आध्यात्मिक जीवन की महत्ता एवं आत्मिक जागृति का संदेश दिया गया। शिविर में रोज रात 8 से 9 बजे तक आध्यात्मिक प्रवचन एवं राजयोग मेडिटेशन का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। यह शिविर 4 जून तक संचालित होगा। आयोजकों ने लोगों से शिविर में सहभागिता कर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग साधना का लाभ उठाने का आग्रह किया है। कार्यक्रम में बहन लता यादव, सुधा यादव, शशी यादव, शारदा पाल, ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी, मधु बहनजी, अंजली बहनजी, चंदा बहनजी, मुरलीधर सोमानी की सहभागिता रही।
जानिए, मनुष्य का वास्तविक स्वरूप आत्मा है, शरीर नहीं सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी पुष्पा दीदी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य का वास्तविक स्वरूप आत्मा है, शरीर नहीं। जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा के रूप में पहचानता है और आत्म-चेतना में स्थित होकर जीवन जीता है, तब उसके भीतर सुख, शांति, आनंद और सकारात्मकता का संचार होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश समस्याओं का मूल कारण देह-अभिमान है, जबकि आत्म-स्वरूप की स्मृति व्यक्ति को आंतरिक शक्ति, संतुलन और समाधान भी प्रदान करती है।
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