राजनांदगांव। राज्य में कृषि के साथ मछली पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग माना जा रहा है। शासन द्वारा संचालित डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम अछोली में स्थित मछली फार्म इस दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास है। मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमतोला के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की टीम द्वारा अछोली में स्थित मछली फार्म का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिसका उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देना और मछली पालन को एक संभावित उद्यम के रूप में समझने के लिए प्रेरित करना है। फार्म में रोहू, कतला और मृगल जैसी प्रमुख प्रजातियों के मत्स्य बीज का उत्पादन किया जाता है। छात्रों ने विभिन्न मत्स्य प्रजातियों के जीवनचक्र और उनकी पर्यावरणीय आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को तालाब तैयार करने, जल की गुणवत्ता बनाए रखने और मछलियों को पोषण प्रदान करने की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। मछली पालन के व्यावसायिक पहलुओं पर चर्चा की गई। जिसमें फार्म की उत्पादन लागत, सरकारी अनुदान और मछलियों की बाजार में बढ़ती मांग के बारे में बताया गया। छात्रों को यह भी समझाया गया कि मछली पालन छोटे किसानों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। विद्यार्थियों ने मछली पालन की संभावनाओं को समझते हुए गहरी रूचि दिखाई। मत्स्य अधिकारी ने विद्यार्थियों को बताया कि शासन द्वारा मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजना का संचालन किया जा रहा है। अनुदान, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों की सुविधा से मछली पालन अब पहले से आसान और लाभदायक हो गया है।
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