राजनांदगांव एडीज मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए समय रहते आवश्यक सावधानी अपना कर डेंगू एवं मेलेरिया से परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी अथवा कमजोरी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। नागरिक अपने घरों एवं आसपास पानी जमा नहीं होने दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखें। जिससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम प्रभावी ढंग से की जा सकती है। सभी शासकीय विभागों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं आमजन से मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु संचालित जनजागरूकता एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी हैं। थोड़ी सी लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि घरों, दुकानों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर टायर, गमले, नारियल के खोल, पानी की टंकियों, फ्रिज ट्रे, टूटे बर्तन एवं अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने दें। प्रत्येक सप्ताह ड्राई डे मनाकर पानी की टंकियों एवं कूलरों को खाली कर साफ करें तथा सुखाकर पुन: उपयोग करें। यदि किसी पात्र, गड्ढे अथवा अनुपयोगी स्थान पर जमा पानी में मच्छरों के लार्वा दिखाई दें, तो उस पानी की सतह पर थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल योग्य तेल व जला हुआ मोबिल ऑयल डाल सकते हैं। जिससे पानी के ऊपर एक पतली परत बन जाती है। यह परत लार्वा को ऑक्सीजन लेने से रोकती है, जिससे लार्वा नष्ट हो जाते हैं। साथ ही ऐसे स्थानों को तुरंत साफ कर पानी जमा होने से रोकना आवश्यक है। साफ-सफाई बनाए रखें तथा मच्छरों की रोकथाम के उपाय अपनाने कहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि तेज बुखार, सिर एवं आंखों के पीछे दर्द, शरीर एवं जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, मतली एवं उल्टी, गंभीर स्थिति में नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव, मलेरिया के प्रमुख लक्षण, तेज बुखार के साथ ठंड लगना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, कमजोरी एवं शरीर में दर्द, उल्टी या बेचौनी डेंगू के प्रमुख लक्षण है। डेंगू से बचाव के लिए घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, गमले एवं अन्य पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें, सुबह एवं शाम के समय मच्छरों से विशेष बचाव करें, बुखार आने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बुखार को सामान्य वायरल समझकर नजर अंदाज नहीं करें। बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं एवं चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर जांच एवं उपचार से डेंगू से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। नागरिकों से अपने घर, मोहल्ले, गांव एवं कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखें तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की है। सामूहिक जनभागीदारी से ही डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।
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