राजनांदगांव नीलामी में खरीदी दुकानों का कब्जा दूसरों को देने का आरोप लगाकर एक व्यक्ति ने नगर निगम में आत्मदाह का प्रयास किया। पहले वह अपनी समस्या लेकर निगम के राजस्व कार्यालय में पहुंचा, लेकिन जब उसे संतुष्ट जवाब नहीं मिला तो वह छत पर चढ़ गया और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। इस बीच मचे हंगामे को देखकर आसपास के कर्मचारी छत पर पहुंचे। उन्होंने उसे आग लगाने से रोका और समझाइश देकर नीचे लाए। जानकारी मुताबिक मयूर भोजानी ने सात साल पहले निगम की दुकान नीलामी में हिस्सा लिया। जहां उसने अपनी और अपने कुछ साथियों के नाम पर 6 दुकानें खरीदी। मयूर का आरोप है कि दुकान खरीदने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया गया, हालांकि लंबे समय से उन्होंने प्रीमियम की राशि जमा नहीं की, लेकिन अब जब राशि जमा करने पहुंच रहे हैं, तो उनसे राजस्व अमला राशि लेने को तैयार नहीं हो रहा है। इससे उनकी पूर्व में जमा की गई राशि के भी डूबने की आशंका बन गई है। मयूर ने आरोप लगाया कि जिन दुकानों को उन्होंने नीलामी में खरीदी थी, निगम उसे गुपचुप ढंग से दूसरों को आवंटित कर रहा है। कुछ दुकानों पर ताला जड़ दिया गया है, वहीं कुछ पर दूसरे कब्जा कर रहे हैं। इससे उनकी पूर्व में जमा की गई राशि डूब सकती है। इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्मदाह का प्रयास करने की बात कही। मयूर भोजानी पूरी योजना के साथ पेट्रोल की केन लेकर निगम पहुंचे। पहले उन्होंने कुछ पार्षदों से अपनी बात रखी। इसके बाद राजस्व विभाग में गए। लेकिन जब उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली तो वे पेट्रोल से भरे केन को लेकर राजस्व बिल्डिंग की छत पर चढ़ गए । पहले खुद पर पेट्रोल डाल लिया फिर आग लगाने की बात कहकर चिल्लाने लगे। उन्हें देखकर कर्मचारी तत्काल छत पर चढ़े। उन्हें नीचे उतारा। इसी बीच पुलिस टीम भी पहुंची। पुलिस ने उनकी शर्ट उतारी और आयुक्त कार्यालय के बाहर लेकर आए। मयूर ने कहा कि उनकी खरीदी दुकानों को दूसरों को बेचा जा रहा है। यह नियम विपरीत है। उनके व उनके साथियों के नाम पर खरीदी सभी दुकानों का प्रीमियम राशि वह जमा करना चाहते हैं। इसके लिए राशि लेकर भी निगम में पहुंचे थे, लेकिन अब राजस्व अमला उन्हें बकाया राशि की पूरी जानकारी नहीं दे रहा है। उन्हें किसी तरह का नोटिस भी नहीं दिया गया और अब दुकानें पुन: आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सीधे तौर पर उनके साथ अन्याय है।
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