राजनांदगांव.
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधीन आने वाले चार जिलों में धान सूखत के नाम पर 71 करोड़ की कमी बताए जाने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पायी है जबकि जांच में प्रारंभिक रूप से यह प्रमाणित हो गया है कि शार्टेज के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अंतर्गत राजनांदगांव से लेकर मोहला मानपुर, खैरागढ़ और कवर्धा जिले आते हैं। इन जिलों में धान खरीदी के बाद धान शार्टेज के नाम पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया गया है कि सभी चारों जिलों को मिलाकर 71 करोड़ का धान शार्टेज बताया गया है। जब शार्टेज का मामला सामने आया, तब प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और जांच कराई गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है। खबर है कि जिन गाड़ियों का डीओ काटा गया उन गाड़ियों की धर्मकांटा में तौल होने पर सभी गाड़ी में 8 से 10 किलो धान अधिक पाया गया है।
ऐसी स्थिति में धान का शार्टेज होना समझ से परे है, अगर शासन स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रूपये का नुकसान हो सकता है। राशि जमा कराई जा रही – भरत जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि सोसायटियों में शार्टेज के मामले को गंभीरता से लिया गया है। अब सोसायटियों से शार्टेज की राशि जमा कराई जा रही है।
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