भोपाल। आम जनता का कोई भी राजस्व प्रकरण एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पास ज्यादा समय तक लंबित न रहे और समय से समस्या का निराकरण हो जाए। इसके लिए भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने एक नवाचार करते हुए अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर ग्रेडिंग जारी करने का सिस्टम लागू किया था। इस ग्रेडिंग सिस्टम का तीसरा परिणाम शुक्रवार को हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में जारी किया गया। प्रदेश के सभी जिलों में यह ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया जाए तो किसी भी जिले में आम जनता को कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। इधर, कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकार को ग्रेडिंग प्रणाली का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को जल्द से जल्द मामले सुलझाने और प्रदर्शन सुधारने की समझाश दी गई है। राजस्व अधिकारियों को जारी की जा रही ग्रेडिंग सिस्टम के कारण भोपाल अब राजस्व प्रकरण सुलझाने के मामले में 16वें नंबर पर पहुंच गया है। ग्रेडिंग सिस्टम शुरू होने से पहले भोपाल 42 वें नंबर पर था। भोपाल में 87 फीसद मामलों का निराकरण हो चुका है। 13 फीसद प्रकरण ही लंबित हैं।
एसडीएम जमील खान और तहसीलदार गुलाब बघेल आए ग्रेडिंग में अव्वल
ग्रेडिंग सिस्टम में एसडीएम शहर जमील खान अव्वल रहे। इन्हें 100 में से 92.5 अंक प्राप्त हुए है। वहीं दूसरे नंबर पर एसडीएम एमपी नगर विनीत तिवारी रहे, इन्हें 91 अंक प्राप्त हुए है। सबसे खराब प्रदर्शन एसडीएम टीटी नगर संजय श्रीवास्तव का रहा इन्हें मात्र 15 अंक प्राप्त हुए है। वहीं एसडीएम गोविंदपुरा मनोज वर्मा को 25 नंबर ही प्राप्त हो सके। इसी तरह तहसीलदारों की ग्रेडिंग दो तरह से जारी की गई है। ऐसे तहसीलदार जिनके पास 1000 से अधिक प्रकरण होते है और दूसरा 1000 से कम प्रकरण वाले तहसीलदार। संवर्ग एक के तहत नायब तहसीलदार शहर वृत्त ललित को 89.5 नंबर प्राप्त हुए है। इस तरह पहला स्थान उन्होंने पाया है। वहीं दूसरे नंबर पर अपर तहसीलदार टीटी नगर और नायब तहसीलदार एमपी नगर रहा। दोनों को 86 अंक प्राप्त हुए है। इसी तरह 1000 से अधिक प्रकरण वाले तहसीलदारों के संवर्ग दो श्रेणी में बैरागढ़ तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल अव्वल आए है। इन्हें 77.5 अंक प्राप्त हुए है। दूसरे नंबर पर हमेशा अव्वल रहने वाले मनोज श्रीवास्तव इस बार दूसरे नंबर पर आए है। इन्हें 76.5 नंबर प्राप्त हुए है। सबसे खराब प्रदर्शन तहसीलदार बैरसिया वृत्त तीन का रहा। इन्हें महज 12 नंबर ही प्राप्त हुए है।
इस आधार पर जारी की जाती है ग्रेडिंग
पुस्र्ष-महिला टायलेट की साफ-सफाई, कार्यालय की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, आगन्तुकों की बैठक व्यवस्था, ऑफिस के फर्नीचर एवं साज-सज्जा को व्यय करना, अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव, ई-वेस्ट एवं खराब फर्नीचरों का डिस्पोजल, अन्य बिंदुओं के आधार पर इस ग्रेडिंग में 100 में अंक दिए जाते है।
