बीजापुर जिले के मोरमेट गांव में रहने वाले युवक ने बीती रात चाकू से अपना ही गला काट लिया। घटना के बाद परिजनों ने युवक को बेहतर उपचार के लिए बैगा गुनिया के पास ले गए। लेकिन युवक वहां से भाग निकला। जिसके बाद परिजनों ने उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज रेफर कर दिया गया।
मामले की जानकारी देते हुए युवक संपत की मां मड़ी शशिकला ने बताया कि उसका बेटा संपत खेती किसानी का काम करता है। करीब साल भर से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं होने के कारण उसका उपचार बैगा गुनिया के पास चलाया जा रहा था। इलाज के दौरान कई बार संपत घर छोड़कर जंगल भाग जाया करता था। जिसे परिजन खोजबीन करने के बाद वापस घर ले आते थे। मंगलवार की सुबह भी संपत घर से 2 किमी. दूर जंगल की ओर भाग गया, जिसके बाद परिजनों ने खोजकर उसे घर लाए। जिसके बाद उसे खाना खिलाकर उसे सुलाने के लिए कमरे में भेज दिया। रात को संपत अपनी पत्नी सुशीला, एक वर्षीय बेटी काव्या के साथ कमरे में सो रहा था, बीती रात संपत अपने कमरे से उठकर चाकू को लाया और उससे अपने गले को काट लिया।
पति को लहूलुहान हालत में देख पत्नी ने परिजनों को आवाज लगाई, जिसके बाद घायल को गांव के ही एक बैगा गुनिया के पास ले गए, जहां युवक वहाँ से भी भाग निकला। परिजनों ने युवक को पकड़कर उसे जिला अस्पताल बीजापुर ले जाया गया। जहां घायल की खराब हालत को देखते हुए जगदलपुर मेकाज रेफर किया गया। घायल को बुधवार की सुबह मेकाज में भर्ती किया गया है। जहां उसका उपचार चल रहा है।
