16 अप्रैल से स्व-गणना सुविधा शुरू, नागरिकों से अधिक सहभागिता की अपील

 डिजिटल जनगणना से पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित

जनगणना में सहभागिता से ही सशक्त योजना और समावेशी विकास संभव

 मोहला , कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में एवं अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी मिथलेश डोंडे, सहायक जनगणना अधिकारी सुभांगी गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियाँ तेजी से जारी हैं। राज्य स्तर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से संचालित करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली गई हैं। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि जिले में जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर दी गई है। साथ हीए इन सभी के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका है, जिससे कार्य को निर्धारित समय-सीमा में कुशलतापूर्वक पूर्ण किया जा सके।


            प्रशासन ने नागरिकों से स्व-गणना  सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है, जो 16 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। नागरिक https://se.census.gov.in/ पर जाकर स्वयं एवं अपने परिवार की जानकारी घर बैठे ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस सुविधा से समय की बचत होगी, कतारों से मुक्ति मिलेगी तथा जानकारी की शुद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। साथ ही, सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संरक्षण भी सुनिश्चित किया गया है। प्रशासन के अनुसारए स्व-गणना करने से गणनाकर्मी द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया भी सरल और तेज़ हो जाती है।


         जनगणना के अंतर्गत लगभग 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार की संरचना, शिक्षा, आवास की स्थिति और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी शामिल होगी। यह जानकारी केवल सांख्यिकीय एवं समेकित रूप में उपयोग की जाती है, जिससे सरकार को नीतियाँ बनाने, संसाधनों के बेहतर वितरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है।

– जानकारी की सम्पूर्ण गोपनीयता, इतिहास का पहला डिजिटल जनगणना

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम के अंतर्गत एकत्रित सभी जानकारी पूर्णत: गोपनीय होती है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती और न ही इसे किसी अन्य संस्था के साथ साझा किया जाता है। यहाँ तक कि इस जानकारी का उपयोग न्यायालय में साक्ष्य के रूप में भी नहीं किया जा सकता, जिससे नागरिकों की निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप में संचालित किया जा रहा है, जो देश में पहली बार हो रहा है। इसमें अत्याधुनिक डेटा एन्क्रिप्शन, सुरक्षित सर्वर और प्राइवेसी सुरक्षा तंत्र का उपयोग किया जा रहा है, जिससे एकत्रित जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
          प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना को एक राष्ट्रीय कर्तव्य के रूप में लें, स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा सही और पूर्ण जानकारी प्रदान कर देश के विकास एवं जनकल्याण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। सही जानकारी, सशक्त योजना, जनगणना में सहभागिता, विकास की पहचान।

By kgnews

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