छत्तीसगढ़

युवाओं में कांग्रेस, महिलाओं को मौका देने में भाजपा आगे, परिवारवाद को बढ़ावा देने में दोनों आगे

एक परिवार-एक टिकट, पिता के बाद बेटे को मौका नहीं, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, युवाओं को राजनीति में मौका… जैसे राजनीतिक दलों के दावे हवाई जुमले बनकर रह गए। दोनों दलों के प्रत्याशियों की सूचियां जारी हो चुकी हैं। भाजपा ने आठ और कांग्रेस ने पांच महिलाओं को टिकट दिए। युवा मुख्यमंत्री की अगुवाई में चुनाव लड़ने जा रही भाजपा ने भाजयुमो के एक भी नेता पर भरोसा नहीं जताया जबकि कांग्रेस ने युवा कांग्रेस के दो नेताओं को टिकट दिया है। परिवारवाद के मोह में दोनों ही राजनीतिक दल फंसे नजर आ रहे हैं।

भाजपा : युवा सीएम की सरकार के लिए युवाओं पर भरोसा नहीं
भारतीय जनता पार्टी इस बार युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में युवा सरकार के दावे के साथ चुनाव मैदान में ताल ठोक चुकी है। डोईवाला को छोड़कर अभी तक 69 सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इन प्रत्याशियों में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं पर केंद्रीय नेतृत्व ने भरोसा नहीं जताया। एक भी भाजयुमो नेता को भाजपा ने टिकट नहीं दिया है, जबकि सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारी से आगे बढ़े हैं।

महिलाओं के नजरिए से देखें तो कांग्रेस के मुकाबले भाजपा का स्कोर बेहतर रहा है। भाजपा ने आठ महिलाओं को मैदान में उतारा है। इनमें केदारनाथ से शैला रानी रावत, कोटद्वार से ऋतु भूषण खंडूड़ी, नैनीताल से सरिता आर्य, देहरादून कैंट से सविता कपूर, खानपुर से कुंवरानी देवयानी, यमकेश्वर से रेनू बिष्ट, पिथौरागढ़ से चंद्रा पंत, सोमेश्वर से रेखा आर्य के नाम शामिल हैं। परिवारवाद के नजरिए से देखें तो भाजपा ने एक परिवार-एक टिकट के सिद्धांत का पालन तो किया है लेकिन परिवार में ही टिकट देने की परंपरा से छुटकारा नहीं पा सकी। खानपुर में भाजपा ने विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी को प्रत्याशी बनाया है।

देहरादून कैंट में कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच भाजपा ने दिवंगत विधायक हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को टिकट दिया है। पिथौरागढ़ में भाजपा ने दिवंगत वरिष्ठ नेता प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत, सल्ट में दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना, कोटद्वार में पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की बेटी ऋतु भूषण खंडूड़ी, सितारगंज में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा, काशीपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधायक हरभजन सिंह चीमा के बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को टिकट देकर यह साफ हो गया कि इस बार भाजपा परिवार में ही राजनीतिक विरासत संभालने की पंरपरा से पीछा नहीं छुड़ा पाई है।

कांग्रेस : युवा कांग्रेस पर भरोसा, परिवारवाद से नहीं छुड़ा पाए पीछा

विधानसभा चुनाव की तैयारी की शुरुआत एक परिवार-एक टिकट के दावे के साथ करने वाली कांग्रेस इससे पीछा नहीं छुड़ा पाई। खुद जिन पूर्व सीएम हरीश रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है, उनकी ही बेटी को टिकट दे दिया गया। हालांकि युवाओं के मामले में कांग्रेस ने अपने युवा कांग्रेस संगठन पर भरोसा जताया है। महिलाओं के नजरिए से देखें तो कांग्रेस इस बार पांच महिलाओं पर भरोसा जता पाई है जबकि दो महिलाओं के नाम की घोषणा करने के बाद उन्हें सूची से हटा दिया गया।

कांग्रेस ने हरिद्वार ग्रामीण में पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत, मसूरी में गोदावरी थापली, भगवानपुर में ममता राकेश, रुद्रपुर से मीना शर्मा औ लैंसडोन से अनुकृति गुसाईं को टिकट दिया है। जबकि हरिद्वार जिले की ज्वालापुर सीट पर बरखा रानी और लालकुआं सीट पर संध्या डालाकोटि का टिकट देने के बाद नाम वापस ले लिया गया। भाजपा की आठ महिला प्रत्याशियों के मुकाबले कांग्रेस ने पांच महिलाओं को टिकट दिए। युवाओं पर भरोसे की बात करें तो कांग्रेस ने दो टिकट युवाओं को दिए हैं। इनमें युवा कांग्रेस कोटे से जयेंद्र चंद रमोला को ऋषिकेश सीट से और ज्वालापुर से रवि बहादुर को टिकट दिया गया।

परिवारवाद के मामले में कांग्रेस न तो को एक परिवार-एक टिकट के सिद्धांत का पालन कर पाई और न ही परिवारवाद से छुटकारा हासिल कर पाई। कैंट सीट पर वैभव वालिया और अभिनव थापर भी युवा कोटे से टिकट चाह रहे थे, लेकिन उनके अरमान पूरे नहीं हो पाए। पूर्व सीएम हरीश रावत लालकुआं से लड़ेंगे जबकि उनकी बेटी अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण सीट से चुनाव मैदान में उतारी गई है।

इसके अलावा यशपाल आर्य बाजपुर से लड़ेंगे जबकि उनका बेटा संजीव आर्य नैनीताल से चुनाव मैदान में है। पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के बेटे नरेंद्र चंद सिंह को पार्टी ने काशीपुर से टिकट दिया है। लैंसडोन विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत की पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं को टिकट दे दिया है। कुल मिलाकर देखें तो परिवारवाद की छाया से कांग्रेस भी बच नहीं पाई।

kgnews

Recent Posts

सूरजपुर के दूरदराज गांवों में पहुंचा नल का जल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली राहत

सूरजपुर के दूरदराज गांवों में पहुंचा नल का जल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली राहत

सूरजपुर/रायपुर. प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी एवं जनजातीय अंचलों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा…

1 hour ago
SECL के कोयला स्टॉक में दूसरे दिन भी धधकती रही आग, बुझाने में जुटी रहीं टीमें

SECL के कोयला स्टॉक में दूसरे दिन भी धधकती रही आग, बुझाने में जुटी रहीं टीमें

कोरबा. SECL कुसमुंडा खदान के 29 नंबर कोयला स्टॉक में गुरुवार को लगी भीषण आग…

2 hours ago
MP में 65 साल बाद बदलेंगे सिविल सेवा नियम, 2 से ज्यादा बच्चों वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

MP में 65 साल बाद बदलेंगे सिविल सेवा नियम, 2 से ज्यादा बच्चों वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने…

2 hours ago
बस्तर में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 5 दिनों तक बारिश और बादलों का दौर जारी

बस्तर में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 5 दिनों तक बारिश और बादलों का दौर जारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बस्तर समेत कई इलाकों में प्री मानसून बारिश शुरू हो गई है.…

3 hours ago
धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

धमतरी का 'महा-परिवर्तन': 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का…

3 hours ago