राजनांदगांव। जिला भारतीय मजदूर संघ की स्थानीय इकाई ने आज प्रसिद्ध समाज सेविका धर्म जागरण की पुनर्स्थापना करने वाली महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनायीं।
भामसं के जिला मंत्री नरेश कुमार साहू ने एक प्रेस बयान में जानकारी देते हुये बताया कि समारोह को संबोधित करते हुये छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेशदत्त मिश्रा ने कहा कि अहिल्या बाई जी ने भारतीय संस्कृति के पुर्नस्थापना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। वे देश के जीर्ण-शीर्ण पड़े प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों का पुर्ननिर्माण कराया, शासन किस तरह से चलाया जाये, जनता से प्राप्त हो रहे टैक्स का जनहित में किस तरह से उपयोग किया जाये, विकास कार्य लोगों के हित में किस तरह से हो इसकी नई परिभाषा गढ़ी थी।
वे अपने शासनकाल में धार्मिक स्थलों का पुर्ननिर्माण तो किया ही साथ ही साथ पारदर्शी व विकासोन्मुखी शासन चलाने की परम्परा को भी स्थापित किया। वे भारतीय संस्कृति में स्वाभिमान के प्रतीक है और इसीलिये भारतीय मजदूर संघ ने उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर देशभर में उनके द्वारा बताये गये विचारों, सिद्धांतो व शासन प्रणाली को जन-जन तक बताने का कार्य किया जा रहा है। समारोह के प्रारंभ में महिला प्रतिनिधियों का मंडल के अध्यक्ष ने सम्मान कर उन्हे सामग्री भेंट की।
इस दौरान प्रमुख रूप से निर्माण मजदूर संघ की राष्ट्रीय मंत्री भारती शर्मा, धनेश्वरी साहू, सुरेखा कोमरे, नीलम पुजेरी, दीपा कंवर, ममता कंवर, हेमंत कुमार साहू, गोपाल दास साहू, विश्राम जी, दीपचंद, मनीराम साहू, नरेन्द्र सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष गजानंद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में भामसं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
