राजनांदगांव. शहर के निजी अस्पतालों में चल रही मनमानी पर रोक लगाने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम है। यही कारण है कि निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ लूट मची है और स्वास्थ्य विभाग के अफसर जांच और कार्रवाई के लिए शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। इसके चलते आम लोग इलाज के नाम पर यहां लूटे जा रहे हैं।
शहर पश्चिम छोर पर हाइवे किनारे संचालित कृष्णा अस्पताल में न्यूरो सर्जन नहीं होने के बाद भी सिर से संबंधित बीमारी से पीड़ित को भर्ती कर आयुष्मान कार्ड से इलाज करने का मामला सामने आया है। बड़ी बात यह कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के बाद मरीज के परिजनों से नकदी राशि भी ले ली गई है, लेकिन मरीज के हालात में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
मामले में मरीज के परिजनों ने गुरुवार को जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। सीएमएचओ ने परिजनों को जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने आश्वासन दिया है।
डोंगरगढ़ क्षेत्र के ग्राम रामाटोला निवासी टोमन लाल साहू ने बताया कि उन्होंने अपनी दादी पांचों बाई साहू को 23 नवंबर को श्रीकृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया। एमआरई कराने पर पता चला कि उनके सिर में क्लाट जमा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से उनका इलाज हो जाएगा। अब तक मरीज को नौ दिन हो गया है। इस दौरान उनसे अस्पताल प्रबंधन ने 20 हजार रुपए भी जमा करवा लिए हैं, लेकिन मरीज के हालात में सुधार नहीं हुआ है।
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