– 31 अगस्त के बाद सभी नस्ती, फाईल एवं डाक डिजिटल फार्म में प्रस्तुत किए जाएंगे
– डीएमएफ अंतर्गत लोकहित से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
– सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण में विलंब नहीं होना चाहिए
– साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न

राजनांदगांव । कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परिचय पत्र अनिवार्य तौर पर बनाना है। परिचय पत्र जारी करने के लिए एनआईसी द्वारा पोर्टल तैयार किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राथमिकता से परिचय पत्र बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य होगा तथा सभी नस्ती, फाईल एवं डाक ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों को ई-ऑफिस के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग तत्परता एवं सक्रियता से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त के बाद कोई भी नस्ती, फाईल एवं डाक भौतिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाए, सभी नस्ती ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सुचारू संचालन एक नया कार्य है। जिसे सभी को सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में कार्यों के संपादन के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से पत्राचार किया जाएगा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डिजिटल पत्राचार के माध्यम से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से डिजिटाइजेशन करते हुए कार्यों का सरलीकरण किया गया है तथा डाक एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाईन प्रेषित किए जाएंगे। जिससे कार्य के संपादन में गति एवं कार्य कुशलता बढ़ेगी। सभी कार्यालय यथाशीघ्र ई-ऑफिस में कार्य आरंभ करें।

कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने डीएमएफ अंतर्गत लोकहित से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महिला स्वसहायता समूह हेतु प्रोसेसिंग यूनिट एवं सिलाई मशीन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते है। आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्कूलों की मरम्मत तथा विभिन्न आयामों में कार्य किया जा सकता है। उन्होंने यथाशीघ्र डीएमएफ अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार पेंशन प्रकरणों में देरी होने के कारण अधिकारी-कर्मचारी परेशान होते है। उन्होंने सभी लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरानी पेंशन एवं नयी पेंशन से संबंधित प्रकरणों का निराकरण करने के लिए कहा।

जिला कोषालय अधिकारी दिलीप सिंह ने आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा पेंशन प्रकरणों के भुगतान हेतु अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के तीन महीने पहले पेंशन प्रकरण के लिए कार्रवाई प्रारंभ किया जाना चाहिए और पेंशन विभाग को भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में जाने वाले तथा पुरानी पेंशन योजना से नई पेंशन योजना में जाने वाले प्रकरणों को भी यथाशीघ्र पे्रषित करना चाहिए। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम, एसडीएम डोंगरगढ़ अभिषेक तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

By kgnews

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