17 हजार 269 रूपए प्रति हेक्टेयर का दिया जा रहा अनुदान

राजनांदगांव । उद्यानिकी विभाग एवं अम्मा पॉम प्लान्टेशन लिमिटेड द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम लभानिनभाठा में कृषकों को आयल पॉम की खेती के विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में आयल पॉम की खेती के साथ-साथ तेल का उपयोग, महत्व एवं खाद्य मूल्य के साथ-साथ इसकी खेती की तकनीकी जानकारी कृषकों को प्रदान की गई। कम्पनी के प्रतिनिधि सिद्धार्थ चन्द्राकर द्वारा पौधरोपण से लेकर पौधों की देखरेख, सिंचाई, उत्पादन एवं कुल शुद्ध आय के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी आरके मेहरा द्वारा ऑयल पॉम की खेती हेतु अनुदान के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ऑयल पॉम की खेती हेतु उद्यानिकी विभाग से शत-प्रतिशत अनुदान पर पौधे कृषकों के प्रक्षेत्र तक उपलब्ध कराये जा रहे हंै। साथ ही पौधों के रखरखाव हेतु 21 हजार रूपए तथा अंतवर्तीय फसल रोपण हेतु 21 हजार रूपए एवं ड्रिप स्थापना हेतु 17 हजार 269 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। यदि कृषक 2 हेक्टेयर तक पौधरोपण करता है, तो उसे अतिरिक्त अनुदान नलकूप खनन हेतु 50 हजार रूपए साथ ही पम्प प्रतिस्थापन हेतु 27 हजार 500 रूपए का अनुदान दिया जा रहा है।

यदि कृषक रोपण के पश्चात फलन उपरांत 3 वर्ष तक आयल पॉम की खेती करता है, तो उसे अतिरिक्त ट्रेक्टर के लिए अनुदान राशि 2 लाख रूपए देय होगा। आयल पॉम का उत्पादन एवं आय अर्जन के विषय में बताया गया कि प्रति हेक्टेयर143 पौधे के रोपण करने पर प्रति हेक्टेयर 20 टन की उपज होगी, जिसका बाजार मूल्य वर्तमान में 16-22 रूपए प्रति किलो है, इस हिसाब से 3 लाख 20 रूपए हेक्टेयर की आमदनी होगी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रगतिशील कृषक एनेश्वर वर्मा, मनीराम लिल्हारे, गैंदलाल देवांगन, ओम प्रकाश देवांगन, नवीन परमार अन्य कृषकों के साथ-साथ उद्यानिकी विभाग से जीएस सोनकुसले, गिरजाशंकर राणा, श्वेता सिंह, दीपिका खाण्डेकर एवं अम्मा आयल पॉम प्लांटेशन कम्पनी से हेमंत साहू एवं लेखराज साहू उपस्थित रहे।

By kgnews

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