राजनांदगांव खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन कमजोर होने के कारण एमएमसी जिले में बुधवार को दूसरे दिन भी धान खरीदी बंद रही। एमएमसी जिले के दर्जनभर केन्द्रों में धान जाम की स्थिति है। अब यहां और धान रखने की जगह नहीं होने की वजह से समिति प्रबंधकों ने 26 दिसंबर से धान खरीदी बंद कर दी गई है। लंबे समय से समिति प्रबंधकों द्वारा परिवहन में तेजी लाने की मांग की जा रही थी। अफसरों ने आश्वासन तो दिया लेकिन डीओ जारी होने के बाद भी धान का परिवहन नहीं किया जा रहा है। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के 19 समितियों के 27 खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की जा रही थी। मिली जानकारी के अनुसार एमएमसी जिले में अब तक लाख क्विंटल खरीदी के मुकाबले केवल 3 लाख क्विंटल उठाव हुआ। जिले के 7 केन्द्रों में परिवहन की गति बहुत खराब है। अन्य केन्द्रों में परिवहन की गति धीमी है। कई खरीदी केन्द्रों में बफर लिमिट से 6-7 गुना ज्यादा धान खरीदी हो चुकी है। उन केन्द्रों में बफर लिमिट से 5-6 गुना अधिक धान रखा हुआ है। परिवहन नहीं होने के कारण प्रभारियों को सुखत का सामना करना पड़ता है। उठाव की समस्या से अफसरों को अवगत कराने के बाद भी उठाव नहीं हो सका। केंद्रो में अब और धान रखने जगह नहीं होने से खरीदी बंद की गई है। भोजटोला, विचारपुर, रेंगाकठेरा, औंधी, सीतागांव, सरखेड़ा में उठाव की स्थिति बहुत खराब है। केसीजी जिले के नचनिया, साल्हेवारा, बकरकट्टा में यही स्थिति है। एमएमसी जिले में 18943 किसानों ने 905321.20 क्विंटल धान बेचा है। किसानों को अब तक 19894.00 लाख का भुगतान किया गया। लिंकिंग से 5622.18 क्विंटल की वसूली की गई। 330830.00 लाख का भुगतान किया गया। एमएमसी जिले में खरीदी शुरू होने के काफी दिनों बाद उठाव शुरू किया गया था। अब तक यहां उठाव की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ के संयुक्त जिला अध्यक्ष ईश्वर श्रीवास ने बताया कि राजनांदगांव जिले के धान खरीदी प्रभारी 28 दिसंबर को धान परिवहन एवं संघ में पदाधिकारियों के सहयोजन करने एक बैठक कर धान खरीदी को लेकर निर्णय लेंगे। बैठक में 96 धान खरीदी केन्द्रों के प्रभारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। गोंडवाना गार्डन जीई रोड में दोपहर 2 बजे रखी गई है। तीनों जिले में उठाव कमजोर है। कुछ केन्द्रों में खरीदी बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
