राजनांदगांव/ उपरवाह , कृषि विज्ञान केंद्र (केविके) में सोमवार को अक्ती तिहार का आयोजन किया गया। अक्षय तृतीया पर धरती माता व छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना कर धान व हरी खाद के रूप में मूंग के बीज का छिड़काव कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र में किया गया।
कार्यक्रम में केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. गुंजन झा द्वारा भूमि की गहरी जुताई कर उसके लाभ कृषकों को बताई। भूमि में पाए जाने वाले कीटों के अंडे, फंगस, बैक्टीरिया को नष्ट करने की सलाह दी गई। साथ ही हरी खाद के रूप में मूंग की बुवाई करने को कहा गया जिससे पर्यावरण से नत्रजन स्थिरीकरण कर भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि की जा सके। वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके ने किसानों को ग्रीष्म ऋतु में पशुओं को पर्याप्त पानी व रख रखाव संबंिधत जानकारी साझा की, जिससे भीषण गर्मी में पशुओं को स्वस्थ रखा जा सके।
साथ ही अन्य वैज्ञानिक मनीष कुमार सिंह, डॉ. योगेंद्र श्रीवास ने किसानों को ग्रीष्म ऋतु में भूमि की तैयारी व आय बढ़ाने संबंधी व्याख्यान दिया। प्रक्षेत्र प्रबंधक आशीष गौरव शुक्ला ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाने व भूमि संरक्षण के लिए रासायनिक पदार्थ का उपयोग कम करने व कम से कम क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती की शुरुआत करने को कहा गया। केंद्र के कार्यक्रम सहायक जितेन्द्र मेश्राम व अन्य कर्मचारियों सहित ग्राम सुरगी की 30 महिला किसानों ने हिस्सा लिया।
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