राजनांदगांव जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियंस द्वारा आरटी पीसीआर कोरोना जांच करने के लिए स्टाफ नर्सों पर दबाव डाला जा रहा है। गुरुवार को स्टाफ नर्सों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा नियम अनुसार लैब टैक्नीशियन को कोरोना की जांच करनी है यह उनका मूल काम है हमारा नहीं। इस तरह दबाव डालना न्याय संगत नहीं है। ऐसा किया गया तो नर्सेज भी हड़ताल करेगी। इस मामले को लेकर गुरुवार को स्टाफ नर्सों ने एक बैठक की और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी से लिखित में शिकायत भी की है। जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी-खासी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच करने को लेकर लैब टेक्नीशियंस व स्टाफ नर्सों के बीच विवाद छिड़ा हुआ है। लैब के कर्मचारी वार्डों में ड्यूटी करने वाली स्टाफ नर्सेज को आरटीपीसीआर जांच करने के लिए कह रहे हैं। स्टाफ नर्सों का कहना है कि वह वार्डों में इमरजेंसी ड्यूटी करती हैं। लैब वालों को भी रात में ड्यूटी करनी है लेकिन यहां महिला स्टाफ को इससे मुक्त रखा गया है। छग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष लाभेश पगारे ने कहा कि कोरोना जांच करने नर्सों पर दबाव बनाया गया तो संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा। कोरोना जांच करने का काम लैब वालों का है। यहां 24 स्टाफ हैं।
