राजनांदगांव , गांजा तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय ने पिता-पुत्र को दोषी माना। दोनों को तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस एक्ट महेश वर्मा ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट डीआर देवांगन की अदालत ने सुनवाई के बाद भरत पाणिग्रही और राधेश्याम पाणिग्रही को दोषी पाया। दोनों जिला बलांगीर के रहने वाले हैं। मामला 20 सितंबर 2025 का है।
सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना के आधार पर पार्रीनाला के पास भरत पाणिग्रही और राधेश्याम पाणिग्रही को पकड़ा था। तलाशी में आरोपियों के बैग से 8 किलो गांजा मिला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
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