(गायत्री गुरूकुल के नन्हें-मुन्हें विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति)
राजनांदगांव। जिले की प्रतिष्ठित शाला गायत्री विद्यापीठ में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें प्री-प्रायमरी एवं प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। आयोजन का शुभारंभ सर्वप्रथम माँ गायत्री की आराधना के साथ दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना से की गई। तत्पश्चात् अतिथि परिचय व स्वागत के क्रम में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.पुखराज बाफना जी का सारगर्भित परिचय गायत्री शिक्षण समिति के सचिव गगन लड्ढा जी द्वारा किया गया। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मोहन पटेल जी ग्रांड पारेंट गायत्री विद्यापीठ एवं प्रफुल्ल परमार जी, ट्रस्टी गायत्री शिक्षण समिति, का स्वागत सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन, अलका सुरजन, उपाध्यक्ष संध्यादेवी सिंघल, राजेश जैन, सचिव गगन लड्ढा, सहसचिव निकुंज सिंघल, कोषाध्यक्ष सूर्यकान्त चितलांग्या, संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सुषमा सुरजन, सांस्कृतिक प्रभारी हरीश गांधी, रूपाली गांधी, एकेडमिक डायरेक्टर अमित उत्तलवार, गायत्री शिक्षण समिति के सदस्यगण पवन डागा, सागर चितलांग्या, मनोज चितलांग्या, नंदकिशोर सोनी, दिनेश बजाज, धीरू भाई पटेल, भावेश ठक्कर, संजय लड्ढा, नरेन्द्र लोहिया, हेमंत तिवारी के साथ-साथ प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल, सीमा श्रीवास्तव, उपप्राचार्य रश्मि ठाकुर, वंदना डुंभरे, तामेश्वरी साहू, प्रशासक अनिल वाजपेयी, स्कूल मैनेजर तरणजीत सिंह टूटेजा एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में पालकगण, शहर के गणमान्य नागरिक, विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ.पुखराज बाफना द्वारा उद्बोधन में विद्यालय एवं विद्यालयीन व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को भविय का कर्णधार नागरिक बताते हुए उनके उ’जवल भविष्य की कामना के साथ-साथ निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में अव्वल स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पदक व प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। शाला का वार्षिक प्रतिवेदन प्राचार्य शैलजा नायर द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसमें उन्होंने शाला की उत्तरोत्तर वृद्धि का विवरण प्रस्तुत करते हुए पालकों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग एवं सामंजस्य से यह विद्यालय विद्यार्थियों में संस्कारों का बीजारोपण कर रहा है। समय की मांग भी यही है। बच्चों का संस्कारी होना ही हर माता-पिता की असली संपत्ति है, जो आरंभ से ही इस विद्यालय का उद्देश्य रहा है। इसी दिशा में विद्यालय परिवार भी प्रयासरत हैं।
गायत्री गुरुकुल की प्राचार्य दीपाली रायचा द्वारा भी गायत्री गुरुकुल की स्थापना का उद्देश्य बताते हुए विद्यालय की अनेक खूबियों एवं उपलब्धियों से अवगत करवाया गया। शाला के विद्यार्थियों द्वारा एक से बढ़कर एक अनेक ज्ञानवर्धक शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई जिसमें योग, धर्म, अध्यात्म एवं विज्ञान का अनूठा समन्वय देखने को मिला वहीं विद्यार्थियों ने नृत्य के माध्यम से समुद्र मंथन, मित्रता, गोकुल की धुन, राष्ट्रपे्रम, एकता, भाईचारा, रामायण के प्रसंग, खेल, संयुक्त परिवार की भूमिका, स्वास्थ्य आदि महत्वपूर्ण विषयों पर नृत्य के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। पालकों द्वारा सभी कार्यक्रम की विशेष सराहना की गई। आरंभ से लेकर अंत तक दर्शकदीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नयनाभिराम प्रस्तुति से सराबोर रहा। आभार प्रदर्शन उपप्राचार्य रश्मि ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सीमा गायधने, अंजलि सोनवानी, मेघा साहू द्वारा किया गया।
