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राजनांदगांव Iअंबागढ़ चौकी लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में एक सप्ताह पूर्व अपने अधीनस्थ कर्मचारी चौकीदार से गाली-गलौज व मारपीट करने वाले विभाग के उपयंत्री के खिलाफ अब तक विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पूर्व भी उपयंत्री द्वारा दुर्व्यवहार करने की कई शिकायतें सामने आ चुकी है। लेकिन जिला प्रशासन व विभाग द्वारा अब तक उपयंत्री के खिलाफ किसी तरह की कोई जिम्मेदारी तय नहीं किया जाना और न ही कार्रवाई नहीं किया जाना जांच का विषय है।

9 अक्टूबर को यहां पदस्थ विभाग के उपयंत्री पीएन चन्द्रवंशी के द्वारा रात्रि साढ़े आठ बजे शराब के नशे में उस समय ड्यूटी में मौजूद चौकीदार शत्रुहन पटेल के साथ गाली-गलौज व मारपीट का मामला प्रकाश में आया। चौकीदार ने तत्काल घटना की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराते हुए आरोपी उपयंत्री के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। जबकि दूसरे दिन चौकीदार शत्रुहन पटेल ने अपने विभाग के कार्यालय प्रमुख एसडीओ को घटना की जानकारी देते हुए लिखित में उपयंत्री के खिलाफ शिकायत करते हुए विभाग प्रमुख से कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष पर कोई जिम्मेदारी तय नहीं की है और न ही किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई की मांग की है। इधर इस घटना को लेकर लघु वेतन कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों को मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि शिकायत है तो शीर्ष अधिकारियों के पास इसकी शिकायत होनी चाहिए।

सड़क पर उतरेगा लघुवेतन कर्मचारी संघ: लघु वेतन कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र खोब्रागढ़े ने कहा कि किसी भी विभाग के अधिकारी को अपने अधीनस्थ कार्यरत लघु वेतन कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि अधिकारियों को किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कामकाज व व्यवहार को लेकर शिकायतें है तो वे अपने कार्यालय या विभाग के शीर्ष अधिकारियों से उसकी शिकायत कर सकते हैं। लेकिन कोई भी अधिकारी को मारपीट करने का अधिकार नहीं है। खोब्रागढ़े ने कहा कि इस मामले में यदि उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो लघु वेतन कर्मचारी अपने संघ के साथी के खिलाफ हुए अन्याय को लेकर सड़क में उतरने से नहीं चुकेंगे। खोब्रागढ़े ने जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग से जल्द से जल्द उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नहीं तो एक सप्ताह के बाद मामले को लेकर सड़क में आकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

लेटर भेजने का दिलासा देने के बाद मामला निपट गया था लोकसभा चुनाव से पूर्व विश्राम गृह में उपयंत्री चन्द्रवंशी के द्वारा नगर के मीडिया कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। घटना की शिकायत मीडिया कर्मियों ने कलेक्टर से भी की थी। दुर्व्यवहार के विरोध में तथा उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चुनाव के समय जिला प्रशासन के समाचार कवरेज का भी बहिष्कार किया था। उस समय कलेक्टर के द्वारा उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव व संचालक को कार्रवाई के लिए डीईओ लेटर भेजने का दिलासा के बाद मामला निपट गया था। लेकिन उपयंत्री के खिलाफ अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से मीडिया कर्मियों में भी नाराजगी बनीं हुई है। इधर चौकीदार के साथ उपयंत्री का मारपीट की घटना सामने आने के बाद यह मामला फिर से गर्म हो गया है। उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

शिकायत उन्हें दोनों पक्षों से मिली है: एसडीओ एसडीओ नरेन्द्र साहू ने कहा कि घटना की शिकायत उन्हें दोनों पक्षों से मिली है, मामले में जांच जारी है। शीर्ष अधिकारियों को जानकारी दी गई है।

शिकायत: एसडीओ नहीं रहते हैं मुख्यालय में लोनि अनुविभाग के एसडीओ मुख्यालय में नहीं रहते है। इससे उनके अधीनस्थ तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी अपने कार्य व मुख्यालय में नहीं रहते हैं। इसीलिए लोक निर्माण विभाग में कर्मचारियों की मनमानी बढ़ गई है। विश्राम गृह व कार्यालय में कर्मचारी अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। 9 अक्टूबर को जब उपयंत्री व चौकीदार के साथ मारपीट व गाली गलौज हुई उस दिन भी एसडीओ मुख्यालय में मौजूद नहीं थे।

By kgnews

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