राजनांदगांव | अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी से कुकर्म करने वाले आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास में रहने की सजा दी गई। फैसला सुनाते न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) राजनांदगांव पीठासीन न्यायाधीश ओमप्रकाश साहू ने उक्त आरोपी के खिलाफ दोष साबित होने पर यह सजा दी।
40 वर्षीय अभियुक्त को दोषी पाए जाने पर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012 की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी। 20 हजार रुपए अर्थदंड अदा न करने पर 4 माह का सश्रम कारावास होगा। भारतीय दंड संहिता की धारा 506 भाग-2 के तहत तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 1 माह का सश्रम कारावास अतिरिक्त की सजा दी गई है।
मामले में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) राजनांदगांव प्रिया कांकरिया ने पैरवी की। पीड़िता की माता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच में लिया गया था। मामले में पुख्ता साक्ष्य भी पेश किया गया था।
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