राजनांदगांव , जिले में इस साल रबी सीजन का रकबा विगत साल के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत घटा है। प्रशासन का दावा है कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन किसानों का आरोप है कि यूरिया की कालाबाजारी से उन्हें खुले बाजार से महंगी खाद खरीदनी पड़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी में है। किसान संघ किसानों की समस्याओं को लेकर 8 मई को मंडी में बैठक करेगा। प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे और आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
किसानों का कहना है कि सोसायटी में यूरिया का रेट करीब 266 रुपए प्रति बोरी है, लेकिन खुले बाजार में 450 तक मिल रही है। महंगी खाद खरीदने से कृषि लागत बढ़ रही है। जिला विपणन संघ के अनुसार जिले में खाद-उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है गिरते भू-जल स्तर को देख किसानों ने इस बार धान की जगह गेहूं की फसल को प्राथमिकता दी है, जिससे धान का रकबा कम हुआ। किसानों का आरोप है समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद पिछले वर्षों की बकाया राशि नहीं मिली है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और वे कर्ज चुकाने में भी परेशानी महसूस कर रहे हैं। इस संबंध में एक बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया। बैठक में जिला किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम, मोतीलाल सिन्हा, मदन साहू, रमाकांत बंजारे, देवलाल साहू, ईश्वरी नेताम, हरिशचंद साहू सहित अन्य मौजूद रहे।
एक मई मजदूर दिवस पर दाम-सत्याग्रह करेंगे किसान: यूरिया की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, उचित दर पर खाद की उपलब्धता, समर्थन मूल्य की बकाया राशि का भुगतान, कृषि लागत कम करने के उपाय की मांग पर आंदोलन की तैयारी है। दाम-सत्याग्रह के समर्थन में 1 मई मजदूर दिवस एवं लाल श्याम शाह जयंती पर कलेक्ट्रेट के सामने किसान पंचायत होगी। किसान संगठन विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। आयोजकों के अनुसार 30 जनवरी 2026 से दाम-सत्याग्रह लगातार जारी है। इसी क्रम में प्रमुख मुद्दों को उठाया जाएगा।
