राजनांदगांव | द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्रम न्यायालय राजनांदगांव अमित जिन्दल ने दिनांक 24.05.2025 को पोस्ट कन्या छात्रावास राजनांदगांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर उपस्थित लोगो को कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 72 के तहत ब्लात्कार पीडित के नाम, पहचान का मुद्रण या प्रकाशन करना 2 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दण्डनीय अपराध है। यदि धारा 72 में निर्दिष्ट मुद्रण या प्रकाशन न्यायालय की कार्यवाही के संबंध में न्यायालय की पूर्व अनुज्ञा के बिना किया जाये तो वह धारा 73 के तहत 2 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दण्डनीय अपराध है।
श्री जिन्दल ने बताया कि किसी महिला को विवाह या अयुक्त संभोग के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से अपहरण या व्यपहरण करने पर धारा 87 के तहत 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दण्डनीय अपराध है। श्री जिन्दल ने बताया कि किसी व्यक्ति को घोर उपहति या दासत्व के लिए या प्रकृति विरूद्व काम वासना के लिए अपहरण या व्यपहरण करने पर धारा 140 (4) के तहत 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दण्डनीय अपराध है।
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