राजनांदगांव | प्रदूषण के कारण शहर की ऐतिहासिक धरोहर बूढ़ासागर के पानी का रंग हरा होता जा रहा है। यहां विगत वर्ष ऑक्सीजन लेवल कम होने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई थी।
यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम कई सालों से अधूरा पड़ा है। बड़ी संख्या में यहां कचरा डाला जाता है। इसके अलावा पूजन सामग्री विसर्जित की जाती है। सीवेज का पानी मिलने से यहां प्रदूषण बढ़ रहा जिसे नियंत्रित करने की जरूरत है।








