राजनांदगांव बंधक प्लॉट को बेचने के मामले में हाई कोर्ट ने कार्रवाई के लिए नगर निगम को निर्देश दिए हैं। मामले में अधिवक्ता दीपा रामटेके ने बताया कि मामला पटवारी हल्का बजरंगपुर नवागांव अंतर्गत खण्डेलवाल कॉलोनी मित्र चौक ममता नगर में बनी कॉलोनी का है। जहां कॉलोनाइजर के द्वारा कॉलोनी निर्माण के लिए नगर पालिका निगम से अनुमति लेकर कॉलोनी का निर्माण प्रारंभ किया गया।

कॉलोनाईजर ने नगर पालिका निगम की शर्तों के अनुसार कार्य करना स्वीकार किया और निगम के साथ एक अनुबंध पत्र का निष्पादन किया। जिसके तहत नक्शे के अनुसार कॉलोनी का निर्माण किया जाएगा। नक्शे में दर्शित प्लॉट नम्बर 11, 12, 13, 14 को निगम के पास तब तक बंधक रखा गया जब तक निगम कार्यपूर्णता प्रमाण जारी ना कर दें। साथ ही बंधक पत्र में शपथपूर्वक कथन किया कि यदि इस बंधक पत्र का उल्लंघन कॉलोनाईजर के द्वारा किया जाता है तो कॉलोनाईजर पर भारतीय दण्ड संहिता के तहत दाण्डिक कार्रवाई की जाएगी। नपा ने कॉलोनाईजर को वर्ष 2019 में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया।

इधर कॉलोनाईजर ने नगर पालिका निगम में बंधक रखे गए प्लॉट नम्बर 11 व 12 को एक सितम्बर 2017 को दस लाख रुपए लेकर विक्रय कर दिया। कॉलोनी में रोड-रास्ता, गार्डन आदि बातों पर विवाद उत्पन्न होने लगा, जिस पर दीपा रामटेके के द्वारा अन्य कॉलोनी वासियों की मदद से शिकायत की गई तथा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाली गई तो उक्त बंधकपत्र की जानकारी हुई। जिसकी शिकायत भी वर्ष 2021 में निगम व कलेक्टर से की गई। किन्तु 3-4 पत्र देने पर निगम ने कॉलोनाईजर को केवल सूचना पत्र जारी कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।

By kgnews

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