राजनांदगांव , वन चेतना केन्द्र मनगटा मार्ग ग्राम बघेरा स्थित बाबा मरस पोटा धाम में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर कन्या विवाह संपन्न हुआ। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा।

इस विवाह की रस्मों में बढ़ी संख्या में घराती और बराती शामिल रहे। बाबा मरस पोटा धाम के संरक्षक राकेश श्रीवास्तव ने बताया राजनांदगांव शहर से 16 किमी दूर वन चेतना केन्द्र मनगटा मार्ग ग्राम बघेरा में स्थित बाबा मरस पोटा धाम में 19 अप्रैल अक्षय तृतीया के पावन पर्व कन्या विवाह का आयोजन किया गया।

सुबह से कन्या एवं वर पक्ष धाम में पहुंचें, यहां हल्दी, मेहंदी की रस्म हुई। बरात स्वागत किया गया, शिव महापुराण कथा व्यास भागवताचार्य पंडित खिलेश कृष्ण दुबे ने मंत्र उच्चारण हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ दोनों कन्याओं का विवाह संपन्न कराया। विवाह में फेरे के बाद प्रांगण में स्थित महा काली, भोले नाथ की आरती 12 ज्योतिर्लिंग की पूजा की गई। इसके बाद कन्या विदाई की गई। विवाह समारोह में शामिल वर-वधु पक्ष से घराती और बारातियों ने नव जोड़ों का अपना आशिर्वाद प्रदान कर बधाइयां दी।

कबीरधाम और बस्तर से पहुंचे बाराती: कबीर धाम जिले के वीरेंद्र नगर और बस्तर के कोंडागांव से पहुंचे बराती गदगद हो गए। उन्होंने बाबा मरस पोटा धाम में आयोजित कन्या विवाह कार्यक्रम की सराहना की। यहां विगत 30 दिनों के भीतर नवरात्र पर्व में 9 दिन भंडारा का आयोजन किया गया। शिव महापुराण कथा आयोजित की गई। हनुमान जन्मोत्सव और 4 कन्याओं की शादी संपन्न कराई जा चुकी है।

लाडली बेटियों के लिए वरदान बना धाम: बाबा मरस पोटा धाम में आर्थिक रूप कमजोर परिवार जो अपनी लाडली बेटी की शादी नहीं कर सकते उनके लिए कन्या विवाह समिति बनाई गई है। शादी का पूरा खर्च समिति से जुड़े भक्त उठाते है जिनकी बेटी नहीं है और जो कन्या दान करने की इच्छा जाहिर करते उन्हें कन्यादान का अवसर प्रदान किया जाता है। उनसे किसी प्रकार की समिति द्वारा मदद नहीं लेती। यह स्पष्ट कर दिया जाता है कि कन्या को जो उपहार देना चाहते हैं वे कन्या को दें सकते है।

By kgnews

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