राजनांदगांव | मेडिसिन कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खुंटे ने रायपुर में आयोजित मेडिसिन कांफ्रेंस के 18वें संस्करण में हिस्सा लिया। उन्होंने चक्कर आने की बीमारी और इलाज की नई तकनीकों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने चक्कर आने की समस्या वर्टिगों का निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। वर्टिगो ऐसी स्थिति है जिसमें लगता है आसपास की चीजें घूम रही हैं।
आंतरिक कान या तंत्रिका तंत्र में गड़बड़ी इसकी मुख्य वजह होती है। वर्टिगो के लक्षण में चक्कर आना, संतुलन खोना, मतली या उल्टी होना, कान में आवाज, सुनने में कठिनाई, पसीना आना, आंखों का अनियंत्रित हिलना, सिरदर्द होना इसका प्रमुख लक्षण है। वर्टिगो का इलाज जड़ पर निर्भर करता है। कुछ सामान्य उपाय में संतुलित आहार लेना जरूरी है।
सोडियम और कैफीन कम लें रोज नियमित व्यायाम से लक्षण कम हो सकते है। धीरे-धीरे सिर की स्थिति बदलें, दवाएं और लाइफ स्टाइल में बदलाव से मदद मिल सकती है। डॉ. खुंटे की प्रस्तुति को प्रदेशभर के डॉक्टरों ने सराहना की। वर्टिगो के लक्षण महसूस कर रहे तो डॉक्टरों से परामर्श लिया जा सकता है। वर्टिगो एक सामान्य लेकिन कभी-कभी परेशान करने वाली स्थिति है। दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।
