राजनांदगांव. जनपद पंचायत के ग्राम मोखला का आदर्श गौठान, जो कभी ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता था, आज उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में बदल गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में इसे मॉडल गौठान के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति जर्जर हो चुकी है। ग्रामवासियों के अनुसार, कुटकुट पालन शेड टूट चुके हैं, टीन शेड उखड़ गए हैं और परिसर में घास-फूस व झाड़ियां फैल गई हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों के भवनों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और सामग्री नष्ट हो रही है। वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, गोबर खाद निर्माण और चारागाह विकास जैसी गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर गौठान बनाया, पर देखरेख और निगरानी की व्यवस्था न होने से अब यह परियोजना अपने उद्देश्य से भटक गई है।
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