राजनांदगांव : श्रद्धा-भक्ति के साथ गणगौर का पूजन शिव-पार्वती के स्वरूपों की आराधना…

राजनांदगांव , संस्कारधानी में भी राजस्थान की तर्ज पर वहां के सबसे बड़े पर्व गणगौर की पूजा श्रद्धा-भक्ति के साथ की जा रही है। गण मतलब शंकर और गौर मतलब पार्वती के स्वरूप की पूजा होलिका दहन के दूसरे रोज से कन्याओं, नव विवाहितों एवं महिलाओं द्वारा 16 दिनों तक विभिन्न रीति रिवाजों के तहत की जाती है। इस पर्व का अंतिम दिन गणगौर उत्सव के रूप में इस वर्ष 21 मार्च शनिवार को चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व के संबंध में संस्कृति शर्मा ने जानकारी देते बताया शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।

उन्होंने बताया गणगौर पर्व प्रेम और पारिवारिक सौहार्द्र के साथ श्रद्धा भक्ति व आस्था के साथ मनाया जाता है। इस पर्व में भगवान शंकर व पार्वती के स्वरूप की गणगौर के रूप में पूजा अर्चना 16 दिनों तक की जाती है। भोलेनाथ को पाने मां पार्वती ने पूजा की थी। विभिन्न ग्रंथों व कथाकारों के अनुसार गणगौर के महत्व को इस रूप में समझाया गया है कि मां पार्वती ने भोलेनाथ को पाने गहन तप किया था। जिससे प्रसन्न होकर भोलेनाथ प्रकट हुए और माता पार्वती से वर मांगने कहा तो उन्होंने भगवान भोलेनाथ को अपने वर के रूप से मांगा। इस कारण गणगौर को गण मतलब शंकर और गौर मतलब पार्वती के रूप में चैत्र माह के कृष्ण व शुक्ल पक्ष में पूजा जाता है।

छत्तीसगढ़ के लोक पर्व से है समानता, उत्साह नजर आया छत्तीसगढ़ में दीपावली पर्व पर गौरी गौरा के तहत भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। वैसे ही होली के दूसरे रोज रंगोत्सव से गणगौर का प्रारंभ होता है। इसमें भी शिव-पार्वती की पूजा का महत्व है। दोनों ही पर्वों में विसर्जन के समय गौरी-गौरा व गणगौर को महिलाएं सिर पर रखकर नृत्य करते हुए शोभायात्रा में निकालती है। इसके बाद विसर्जन किया जाता है। यह पर्व छत्तीसगढ़ के गौरी गौरा से भी समानता रखता है। इस वर्ष गणगौर का प्रारंभ 4 मार्च रंगोत्सव से हुआ था, इस पर्व का आखिरी दिन 21 मार्च को गणगौर पूजन, उद्यापन व विसर्जन से होगा।

गणगौर पूजन आस्था का महान पर्व है हिन्दू रिवाजों में त्योहारों का विशेष महत्व होता है। इसी के तहत राजस्थान सहित गणगौर को मानने वाले देश के विभिन्न हिस्सों में लोग पति की लंबी उम्र की कामना व परिवार के सुख, समृद्धि व शांति के लिए यह पर्व आस्था व श्रद्धा भक्तिभाव के साथ मनाते हैं। होली के बाद पड़ने वाली शीतला अष्टमी से इसर गणगौर व मालिन को विराजमान कर शोभायात्रा के रूप में बिंदोरा निकाला जाता है। दुबी व जल से पूजा कर सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है। इस बार गणगौर पर्व 21 मार्च शनिवार को चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ शहर के विभिन्न स्थानों, मंदिरों, समाजों व घरों में विराजमान गणगौर की शोभायात्रा निकाल कर शहर भ्रमण कराकर मां शीतला मंदिर माता देवाला के बूढ़ा सागर में विसर्जित करेंगी।

kgnews

Recent Posts

ग्वालियर में सहेली के भाई ने किशोरी को किडनैप कर किया दुष्कर्म

ग्वालियर में सहेली के भाई ने किशोरी को किडनैप कर किया दुष्कर्म

ग्वालियर. शहर के माधौगंज इलाके में रहने वाली किशोरी के साथ उसकी सहेली के भाई…

35 minutes ago
‘पंडवानी अम्मा’ तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी और सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि, बताया लोककला की अपूरणीय क्षति

‘पंडवानी अम्मा’ तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी और सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि, बताया लोककला की अपूरणीय क्षति

रायपुर. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म…

45 minutes ago
दुर्ग में खाद की गुणवत्ता पर बड़ा खुलासा, समितियों में भंडारित नमूने जांच में फेल

दुर्ग में खाद की गुणवत्ता पर बड़ा खुलासा, समितियों में भंडारित नमूने जांच में फेल

दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए…

2 hours ago
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान, बोले- मध्यप्रदेश का SIR मॉडल सबसे पारदर्शी

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान, बोले- मध्यप्रदेश का SIR मॉडल सबसे पारदर्शी

इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्हाेंने…

2 hours ago
उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर में 35 किलो चांदी का गुप्तदान, गर्भगृह की बढ़ी भव्यता

उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर में 35 किलो चांदी का गुप्तदान, गर्भगृह की बढ़ी भव्यता

उज्जैन   धर्म नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की…

3 hours ago
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुआ कामती साहू का घर

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुआ कामती साहू का घर

रायपुर राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक …

3 hours ago