राजनांदगांव , ग्राम पनेका बांकल में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। तीन माह से बोर खनन की मांग के बाद काम शुरू नहीं होने पर समाजसेवी कुशल सिंह राजपूत ने सोमवार को पीएचई कार्यालय के घेराव की घोषणा की है। विभाग ने मशीनों की उपलब्धता और तकनीकी कारणों को देरी की वजह बताया है। ग्राम पनेका बांकल के ग्रामीण पिछले तीन माह से पीएचई विभाग से नए बोर खनन की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लगातार बोरिंग मशीन खराब होने का हवाला देकर काम टालता रहा।
भीषण गर्मी में जल संकट झेलने के बाद अब बारिश में पेयजल समस्या बनी हुई है। समाजसेवी कुशल सिंह राजपूत ने दो दिन के भीतर बोर खनन शुरू नहीं होने पर सोमवार को पीएचई कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी थी। निर्धारित समय में काम शुरू नहीं होने पर अब घेराव की तैयारी की जा रही है। तीन जिलों के आठ ब्लॉकों के लिए मैकेनिकल विंग में केवल दो ड्रिल मशीनें हैं। मेंटेनेंस या बड़े कार्य में एक मशीन बंद हो जाती है। अभी दोनों ड्रिल मशीनें संचालित हैं।
जहां बोर खनन की मांग थी, वह निजी भूमि निकली शुरुआत में जहां बोर खनन की मांग थी, वह निजी भूमि थी, नियम से बोर नहीं किया जा सकता। इसके बाद नाले के पास सरकारी भूमि पर बोर खनन का प्रस्ताव आया, लेकिन वहां एक माह पहले तक ड्रिल मशीन पहुंचाना कठिन था। वार्ड 9 में 8 से 10 परिवार है। वहां पास के चालू बोर से बस्ती तक पेयजल कनेक्शन देने का विकल्प रखा गया है। इस संबंध में गांव के सरपंच से चर्चा की गई है। घेराव के संबंध में कुशल सिंह राजपूत और ग्रामीणों से बात हुई है।
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