ओडिशा हाईकोर्ट ने सभी सरकारी विभाग को फरमान जारी किया है कि अब सरकारी अधिकारी कोर्ट या न्यायाधिकरण में जींस, टी शर्ट पहनकर हाजिर नहीं हो सकेंगे। हाईकोर्ट में आने केे लिए सरकारी अधिकारियों को ड्रेस कोड का पालन करना पड़ेगा। ओडिशा हाईकोर्ट के महाधिवक्ता कार्यालय ने सभी सरकारी विभागों को इस संदर्भ में शुक्रवार को पत्र भेज दिया है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा, पहले भी इस तरह के निर्देश जारी हुए थे लेकिन कुछ अधिकारी अदालत में बिना ड्रेस कोड
के पहुंच रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अदालतों की महिमा का पालन करना चाहिए। उन्हें सभ्य पोशाक में पेश होना चाहिए।ओडिशा हाईकोर्ट की कई पीठों ने पेश सरकारी अधिकारियों के आचरण पर मौखिक नाराजगी जताई थी। कई मौकों पर जजों ने बाबुओं के पहनावे की आलोचना की है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि एक बार आईएएस अधिकारी कोर्ट में जींस टीशर्ट और स्पोर्ट शू पहनकर पहुंचा था जिसे जज ने वापस ढंग के कपड़े पहन कर आने के लिए लौटा दिया था।
नियमों का पालन जरूरी
पूर्व अधिकारी सहदेव साहू ने कोर्ट के इस आदेश का समर्थन करते हुए कहा कि, देखा जाए तो आदर्श रूप से सरकारी ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को उचित पोशाक पहननी चाहिए। मुझे नहीं पता कि ड्रेस कोड का पालन क्यों नहीं किया जाता है। ओडिशा के पूर्व डीजीपी संजीव मरीक वे कहा कि, चूंकि सरकारी अधिकारी सार्वजनिक सुनवाई के लिए अदालत में उपस्थित रहना पड़ता है इसलिए उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए।







