ग्वालियर
सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को लेकर लगभग चार दशक से चला आ रहा पारिवारिक विवाद अब समाधान की ओर बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआ वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे तथा ऊषा राजे के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर हुए आपसी समझौते की औपचारिक प्रक्रिया आठ जुलाई को न्यायालय में पूरी की जाएगी। इसके लिए ये दोनों पक्ष वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। बता दें कि वसुंधरा राजे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जबकि यशोधरा राजे मध्य प्रदेश में मंत्री रह चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय के निर्देशों के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर राजी हो गए हैं। समझौते का प्रार्थनापत्र ग्वालियर जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। न्यायालय ने पिछली सुनवाई के दौरान पक्षकारों को राजीनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे और 90 दिनों के भीतर पूरे विवाद का समाधान कर उसकी पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। यह भी स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो संबंधित याचिका को पुनः बहाल किया जा सकता है।
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