मध्य प्रदेश में 4 दिन का मौसम अलर्ट: भोपाल‑जबलपुर में हल्की बारिश, रीवा समेत 5 जिलों में भी बारिश के आसार

भोपाल 

 मध्यप्रदेश में मौसम इस समय 'दोहरी रंगत' दिखा रहा है। एक तरफ जहां गुलाबी ठंड की विदाई का समय है, वहीं दूसरी ओर आसमान से बरसती आफत ने प्रदेशवासियों को चिंता में डाल दिया है। नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से शनिवार, 21 फरवरी 2026 को प्रदेश के 28 जिलों में बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने उज्जैन और भोपाल संभाग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, जिससे रबी की फसलों को बड़ा नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है।

प्रदेश के आधे हिस्से में पानी-पानी

मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल और उज्जैन समेत प्रदेश के 17 जिलों में बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में सर्वाधिक 1 इंच के आसपास बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंड के आखिरी दौर में हर हफ्ते बदलता यह मौसम का मिजाज विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहा है। शुक्रवार को बारिश का दौर जारी रहा और शनिवार को भी इसके थमने के आसार नहीं हैं।

17 जिलों में जमकर बारिश

बता दें कि उज्जैन सहित शाजापुर, देवास, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई है। प्रदेश में कहीं से ओले की सूचना सामने नहीं आई है। वहीं बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, कई जिलों में ठंड बढ़ गई है।

बारिश-आंधी और बिजली का अलर्ट

मप्र मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज हवाओं के साथ बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। जिन शहरों में सावधानी बरतने को कहा गया है, उनमें राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर और नर्मदापुरम संभाग के जिले शामिल हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में 'गाज' (आकाशीय बिजली) गिरने की भी संभावना है, इसलिए लोग पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में जाने से बचें।

फसलों को नुकसान की आशंका

तेज हवाओं का असर खासतौर पर रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में ज्यादा देखा गया। यहां गेहूं की खड़ी फसलें झुक गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फसलें लंबे समय तक जमीन पर पड़ी रहीं तो दानों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। पिछले तीन दिनों में करीब 25 जिलों में आंधी के कारण फसल नुकसान की संभावना जताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में सर्वे शुरू करा दिया है। राजस्व विभाग की टीमें खेतों में पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन कर रही हैं।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम

22 फरवरी को बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
23 फरवरी को दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से बारिश होने की संभावना जताई गई है।
24 फरवरी को दक्षिण-पूर्वी जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
इंदौर में तापमान में खासी गिरावट

इंदौर में शुक्रवार को मौसम अचानक बदल गया। दिन का अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के तापमान में भी एक डिग्री की कमी आई और पारा 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। देर रात शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। शनिवार सुबह हल्की ठंड महसूस की गई, हालांकि दिन में धूप निकलने से मौसम सुहावना बना रहा।

फरवरी में लगातार बदल रहा मौसम

इस महीने की शुरुआत से ही मौसम अस्थिर बना हुआ है। फरवरी के पहले पखवाड़े में दो बार आंधी, बारिश और ओले गिर चुके हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर 19 और 20 फरवरी को भी रहा। अब 23 और 24 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह फरवरी में चौथी बार मौसम परिवर्तन होगा।
कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर

22 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा। इसका प्रभाव अगले दिन से मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। 23 फरवरी को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में वर्षा की संभावना है। 24 फरवरी को सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

तापमान का हाल

बारिश के बावजूद रात के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है, लेकिन हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी है। कल्याणपुर 10.4°C के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा, वहीं शहडोल और उमरिया में पारा 10 से 12°C के बीच बना हुआ है।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। कई जिलों से खबरें आ रही हैं कि खेतों में खड़ी गेंहू और चने की फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव और नमी के कारण दानों की गुणवत्ता खराब हो सकती है और पैदावार में गिरावट आने की पूरी आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल बड़े स्तर पर ओलावृष्टि की सूचना कहीं से नहीं मिली है।

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

CG में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

CG में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री…

52 minutes ago
लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

52 minutes ago
MP परिवहन विभाग में 25 अधिकारियों को पदोन्नति, 2 साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा लागू

MP परिवहन विभाग में 25 अधिकारियों को पदोन्नति, 2 साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा लागू

भोपाल. परिवहन विभाग ने राज्य शासन स्तर द्वारा नियुक्त 25 सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को…

1 hour ago
सूरजपुर के पर्यटन स्थल पर कार से खतरनाक स्टंट, युवकों का वीडियो चर्चा में

सूरजपुर के पर्यटन स्थल पर कार से खतरनाक स्टंट, युवकों का वीडियो चर्चा में

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद खतरनाक मामला…

2 hours ago
CG : अश्वनी नगर में चाकू लहराकर लोगों को डराने वाला युवक गिरफ्तार

CG : अश्वनी नगर में चाकू लहराकर लोगों को डराने वाला युवक गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी में असामाजिक तत्वों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई…

2 hours ago
CG : रेल हादसे में घायल मुंगेली की युवती सिम्स में भर्ती, परिजनों की तलाश जारी

CG : रेल हादसे में घायल मुंगेली की युवती सिम्स में भर्ती, परिजनों की तलाश जारी

बिलासपुर । रेल दुर्घटना में घायल हुई मुंगेली निवासी एक युवती का इलाज बिलासपुर स्थित…

2 hours ago