रायपुर
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत इस साल भी गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में हजारों सीटें खाली रह गई हैं। दो चरणों की लॉटरी के बाद भी लगभग 6100 सीटें रिक्त हैं। अब इन पर प्रवेश दिलाने के लिए 19 अगस्त को तीसरी लॉटरी निकाली जाएगी।
इस चरण में बच्चों या अभिभावकों को नए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से भरे गए आवेदनों के आधार पर ही लॉटरी निकाली जाएगी। जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नाम इस प्रक्रिया से बाहर रखे जाएंगे। चयनित बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए एक सप्ताह का समय मिलेगा।
प्रवेश में देरी से पढ़ाई पर असर
निजी स्कूलों में एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। लगभग ढाई महीने की पढ़ाई भी पूरी हो चुकी है और अगले माह तिमाही परीक्षा होनी है। ऐसे में आरटीई के तहत अब प्रवेश पाने वाले बच्चों को पढ़ाई में अन्य छात्रों से पीछे रह जाने की आशंका है।
आवेदन और चयन का हाल
पहले चरण में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। इनमें से 40 हजार बच्चों का चयन हुआ और लगभग 36 हजार ने प्रवेश लिया।
दूसरे चरण में 42,363 आवेदन मिले, जिनमें से 10 हजार बच्चों को स्कूल आवंटित हुए।
इसके बावजूद 6100 सीटें अब भी खाली हैं।
शिक्षा विभाग की तैयारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि तीसरे चरण की यह लॉटरी अंतिम अवसर होगा। लक्ष्य है कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को उनके हक की सीट मिल सके और कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
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