रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) गड़बड़ी मामले में ACB और EOW की टीम ने रायपुर और दुर्ग जिले में छापेमारी की है। इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में करीब 8 टीम ने दबिश दी है। तीनों जगहों पर घर और दफ्तरों में दस्तावेजों की जांच चल रही है।
बताया जा रहा है कि, 3 गाड़ियों में एसीबी के 10 से अधिक अधिकारी सोमवार सुबह दुर्ग के मोक्षित कॉरपोरेशन पहुंचे। यह कंपनी गंजपारा निवासी शांतिलाल चोपड़ा और उनके बेटे शशांक चोपड़ा की दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की एजेंसी हैं। यह एजेंसी सरकारी मेडिकल एजेंसी को दवा सप्लाई करती है।
ACB और EOW के अधिकारियों ने दुर्ग के गंजपारा कॉलोनी स्थित घर को अपनी कस्टडी में ले लिया। किसी को भी अंदर या बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। घर और ऑफिस के बाहर पुलिस बल मौजूद है। बताया जा रहा है कि, इस एजेंसी के जरिए करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। जिसकी जांच की जा रही है।
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