पुणे के डॉ. अपामार्जने सुनाएंगे महाकाल को हरि कथा, पं. रमेश कानड़कर के अस्वस्थ्य होने से बुलाया गया

उज्जैन
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार से पुणे के कीर्तनकार डॉ. अजय अपामार्जने भगवान महाकाल को नारदीय संकीर्तन से हरि कथा सुनाएंगे। शिवनवरात्र के दौरान नारदीय संकीर्तन से कथा की परंपरा 115 साल से चली आ रही है।

इस बार पं. रमेश कानड़कर के अस्वस्थ्य हो जाने के कारण नए कीर्तनकार को भगवान महाकाल को कथा सुनाने का अवसर प्राप्त हुआ है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिवनवरात्र व उमा सांझी महोत्सव के दौरान नारदीय संकीर्तन से हरि कथा सुनाने की परंपरा है। अब तक उमा सांझी महोत्सव में ग्वालियर के संत ढोली बुआ तथा शिवनवरात्र में इंदौर के कानड़कर परिवार के सदस्य वंश परंपरा से कथा, कीर्तन करते आ रहे हैं।

दो दिन की मशक्कत के बाद संपर्क हुआ

    इस बार भी मंदिर समिति ने कानड़कर परिवार के वंशज रमेश कानड़कर को कथा के लिए आमंत्रित किया था। एन वक्त पर उनका स्वास्थ्य खराब हो गया। ऐसे में मंदिर समिति को ताबड़तोड़ नए कीर्तनकार से संपर्क करना पड़ा।

    दो दिन की मशक्कत के बाद पुणे के कीर्तनकार डॉ. अजय अपामार्जने से संपर्क हुआ और उन्होंने आने की स्वीकृति प्रदान कर दी। ऐसे में शिव नवरात्रि के पहले दिन कथा का आयोजन नहीं हो सका, अब बुधवार से आयोजन होगा।

पिता-दादा उज्जैन निवासी थे

नईदुनिया से चर्चा में डॉ. अपामार्जने ने बताया वें आठ पीढ़ियों से नारदीय संकीर्तन से कथा करते आ रहे हैं। उनके पिता व दादा उज्जैन के ही निवासी थे, लेकिन वे पुणे में बस गए हैं।

नए कीर्तनकार कल से सुनाएंगे कथा

    कीर्तनकार रमेश कानड़कर ने अस्वस्थ्य होने की जानकारी भेजी है। इसके बाद पुणे के डा.अजय अपामार्जन को कथा के लिए बुलाया है, वे बुधवार से नारदीय संकीर्तन से कथा सुनाएंगे। – मूलचंद जूनवाल, सहायक प्रशासक महाकाल मंदिर

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महाशिवरात्रि पर मंदिर में रहेगी उपचार व दवाइयों की व्यवस्था

इस बीच, महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर परिसर में आकस्मिक उपचार केंद्र व दवाइयों की व्यवस्था विभाग विभाग द्वारा उपलब्ध रहेगी। एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी। साथ ही कर्कराज मंदिर से मंदिर मार्ग व शिप्रा के घाटों के आसपास मधुमक्खी के छत्ते हटाए जाएंगे।

उक्त निर्देश प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने महाकाल मंदिर में अभिषेक स्थल पर विद्युत की निर्बाध व्यवस्था, शक्ति पथ को पेंट करने, बैरिकेडिंग, नीलकंठ द्वार पर दिव्यांगजनों के प्रवेश की व्यवस्था, काल भैरव मंदिर में अतिरिक्त अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए।

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